
दीपांकर भट्टाचार्य बोले, वामपंथियों को एकजुट करने के लिए है गांधी मैदान की रैली
नव राष्ट्र मीडिया
पटना।पटना में आज भाकपा माले के तरफ से लोकतंत्र बचाओ देश बचाओ महारैली मैं लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यह रैली हर लिहाज से ऐतिहासिक साबित हुई । बिहार के कोने-कोने से सभी जिलों के गांवों और कस्बों शहरों से भारी तादाद में इस रैली में लोग पहुंचे। इस बीच अब इस रैली में शामिल हुए माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने विपक्षी एकता को मजबूत करने और बीबीसी की छापेमारी पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि, यह रैली वामपंथियों को एकजुट करने के लिए बुलाया गया है। इसको लेकर 17 तारीख को अंतर्राष्टीय एकजुटता का एक कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद 18 विपक्षी एकता को मजबूत करने के भी एक कार्यक्रम रखा गया है। विपक्षी एकता को एकजुट करने के लिए माले के तरफ से इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। इससे पूरे देश में एक मजबूत संदेश जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने पूर्णिया में महागठबंधन के तरफ से बुलाई गई रैली पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करवाते हुए कहा कि, आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मुझे लगता है कि अब बिहार में रैलियों की एक श्रृंखला चलेगी। इस रैली से विपक्षी एकता और भी तेज होगी। हालांकि उन्होंने नीतीश कुमार को पीएम चेहरा बनाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस को लेकर कुछ भी नहीं है। हमारे आगे बहुत सारे दल हैं और बहुत सारे नेता है जो पीएम बनने की दावेदारी रखते हैं। इतने नेताओं का होना हमारे लिए मजबूती है ना की कमजोरी।
उन्होंने चहरे के सवाल को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि,अगर मैं किसी ए चेहरे की बात करूं तो वह भारतीय जनता पार्टी की तरह ही महज एक तानाशाही रवैया होगा होगा। एक ही व्यक्ति को बार-बार आगे करना यह बताता है कि पार्टी कमजोर हुई है। विपक्ष के पास बहुत सारे नेता और बहुत सारे दल है जिनमें प्रधानमंत्री के कई सारे चेहरा है।
इसके अलावा बीबीसी पर आईटी की रेट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि उन पर जो रेड मारा गया है या ना सिर्फ भारतीय मीडिया बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए एक बुरी खबर है।