अरवल ब्यूरो
अरवल, जिले के बंदोबस्त कार्यालय में भूमि सर्वेक्षण के कार्य को लेकर पूरे बिहार के साथ-साथ अरवल में भी सैकड़ों कर्मचारियों की तैनाती की गई थी जिसमें निदेशालय के द्वारा सभी नियुक्त कर्मचारियों को पूरे बिहार लेवल पर कागजात की जांच की गई तो पुरे बिहार में 160 विशेष सर्वेक्षण आमीन में से अरवल जिले में भी 11 विशेष सर्वेक्षण आमीन फर्जी पाया गया है जिले के बंदोबस्त पदाधिकारी विनय कुमार पांडे के द्वारा बताया गया कि कागजात की जांच निदेशालय के द्वारा कराई गई तो सारे कागजात फर्जी मिले हैं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा जिले में भू अभिलेख एवं परिणाम को लेकर कार्य संपादित किया जा रहा है इसी क्रम में कई कागजातों की जांच कराई गई जिसमें बिहार ,बंगाल ,यूपी और उड़ीसा के लगभग अरवल में भी 11 विशेष सर्वेक्षण अमीन फर्जी मिले हैं जिसमे चंदन कुमार, सनोज कुमार, निहाल कुमार, सरफराज आलम,तबरेज आलम, मुकुल कुमार के अलावे और पांच लोग है इन सभी कर्मियों पर फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कर मानदेय की राशि की वसूली की कार्रवाई की जा रही है विशेष सर्वेक्षण निबंधन और बंदोबस्ती अधिनियम के अधीन कार्य करने को लेकर तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त कर उन्हें अलग-अलग अंचल में तैनात किया गया था अधिकारियों के माध्यम से बंदोबस्त कार्यालय का संचारित भी कई महीने से जिले में की जा रही है मिली जानकारी के अनुसार पुरे बिहार में लगभग 160 कर्मी फर्जी तरीके से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा भू अभिलेख कार्य के लिए काम कर रहे थे इन सभी के नियोजन के उपरानत तैनाती कर दी गई थी लेकिन इनके कागजात कि जब वेरिफिकेशन किया गया तो फर्जी पाए गए है फिलहाल प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है जबकि अरवल जिला पदाधिकारी जे प्रियदर्शनी ने बंदोबस्त कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंची जहां बंदोबस्त पदाधिकारी को कई दिशा निर्देश दिए