बाद में मंत्री सम्राट चौधरी ने मांगी माफी, कहा-इरादा आसन के सम्मान को ठेस पहुंचाना नहीं था
विपक्ष ने की मंत्री रामसूरत राय के साथ सम्राट चौधरी के भी इस्तीफे की मांग

विजय शंकर
पटना । बिहार विधानसभा में आज शर्मनाक स्थिति तब हो गयी जब सरकार के एक मंत्री ने ही बुधवार को आसन ( विधानसभा सभाध्यक्ष) पर सीधे सवाल उठाते हुए अमर्यादित टिप्पणी कर दी । इतना ही नहीं उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को उंगली भी दिखाई और चेताते हुए कह दिया कि आप ऐसे सदन को नहीं चला सकते ? यह दुस्साहस व कुकृत भाजपा नेता व पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने किया और पूरा सदन देखता ही रह गया । उन्होंने आसन को कहा कि व्याकुल नहीं होना है। उनकी इस टिप्पणी से आहत सभाध्यक्ष ने जब ये शब्द वापस लेने को कहा तो मंत्री ने दुबारा कहा कि व्याकुल होने की जरुरत नहीं है । सदन ऐसे नहीं चलेगा । मंत्री के बयान से नाराज सभाध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी । हालांकि दूसरी पाली में पहले संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने माना कि आसन के सम्मान को ठेस पहुंचा है और फिर खुद पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने अपने बयान पर खेद प्रकट किया । मंत्री ने यह भी कहा कि उनका इरादा आसन के सम्मान को ठेस पहुंचाना नहीं था। हंगामें के बीच विपक्ष ने मंत्री रामसूरत राय के साथ-साथ मंत्री सम्राट चौधरी के भी इस्तीफे की मांग की ।

मंत्री और सभाध्यक्ष के बीच हुई यह घटना तारांकित प्रश्न के दौरान हुआ। भाजपा के विनय बिहारी ने लौरिया बाजार के बीच नाला प्रवाहित होने का मामला सदन में उठाया। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी जवाब देने के लिए उठे । इस पर सभाध्यक्ष ने मंत्री को कहा कि सवाल का जवाब ऑनलाइन भिजवाया करें। इस पर मंत्री ने कहा कि जवाब ऑनलाइन भेजा गया है। सभाध्यक्ष ने कहा कि इस सवाल का जवाब ऑनलाइन नहीं आया है। तब फिर मंत्री बोले कि विभाग ने 16 में से 14 सवालों का जवाब ऑनलाइन भिजवाया है। आप दिखवा लीजिए। इस पर सभाध्यक्ष ने कहा कि सुबह नौ बजे तक पंचायती राज विभाग से 16 में से 11 सवालों का जवाब ही ऑनलाइन आया है। इसी क्रम में पंचायती राज मंत्री बोल गए कि व्याकुल नहीं होना है।

मंत्री की ओर से आसन को व्याकुल नहीं होना है, जैसे शब्द को सुन सभाध्यक्ष ने कहा कि इस शब्द को वापस लीजिए। लेकिन मंत्री नहीं माने और वे दुबारा बोल गए कि ऑनलाइन सवाल का जवाब आया है कि नहीं, आप अपने स्तर से जांच करवाईए। व्याकुल होने की जरूरत नहीं है। तब सभाध्यक्ष ने फिर मंत्री को टोका कि इस शब्द को वापस लें। इस पर मंत्री ने कहा कि सदन ऐसे नहीं चलेगा। मंत्री के इस व्यवहार से नाराज सभाध्यक्ष ने बिना देरी किए कहा कि सदन की कार्यवाही स्थगित की जाती है। आसन से उठने के बाद सभाध्यक्ष ने कहा कि सभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है ।

मंत्री और आसन के बीच हुई इस घटना के सदन में खुसफुसाहट शुरू हो गई। हर कोई 12 बजे का इंतजार करने लगा। 12 बजकर 4 मिनट पर आसन की कुर्सी पर सभाध्यक्ष के बदले सभापति ( अध्यासी सदस्य) नरेन्द्र नारायण यादव आए । चूंकि 12 बजे शून्यकाल का समय हो गया था। सभापति ने शून्यकाल में उठाए जाने वाले सभी सवालों को शून्यकाल समिति में भेजने की बात कही । जबकि बुधवार का ध्यानाकर्षण 19 मार्च को लेने की घोषणा कर सभा की कार्यवाही 2 बजे दूसरी पाली तक लिए के लिए स्थगित कर दी।
विधानसभा पोर्टिको में वामदलों के विधायकों ने किया जमकर हंगामा
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का बुधवार को 18वां दिन था। विधानसभा पोर्टिको में वामदलों के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। वहीं राजद विधायकों ने विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन किया । उन्होंने मंत्री रामसूरत राय के इस्तीफे की मांग की। राजद विधायकों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद मंत्री रामसूरत राय को बचाना चाह रहे हैं। सदन में मामला सामने आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इस मामले पर पूर्व सीएम और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि मंत्री का बयान अमर्यादित है । उन्हें इस तरह नहीं बोलना चाहिए । सम्राट चौधरी को इस पर खेद जताना चाहिए।
विधानसभा की दूसरी पाली की कार्यवाही के दौरान 7 मिनट तक विधानसभाध्यक्ष विजय सिन्हा आसन तक नहीं आए। इसके बाद विपक्ष सवाल करने लगा कि कहां हैं अध्यक्ष महोदय । इसके बाद सभाध्यक्ष ने इंट्री ली। वहीं विपक्ष पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग करने लगा । सम्राट चौधरी ने सदन में माफी मांगते हुए कहा कि अगर आसन की भावनाएं आहत हुई है तो मैं माफी चाहता हूं।
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि हम सरकार की ओर से खेद जताते हैं। सरकार की मंशा कभी ऐसी नहीं रही है कि आसन की भावनाएं आहत हो। संबंधित मंत्री को भी खेद है। वहीं, विधायक महबूब आलम और शकील अहमद ने पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी पर कार्रवाई और बर्खास्त करने की मांग की।

उधर, विधान परिषद में रामसूरत राय को बर्खास्त करने की मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। राजद के एमएलसी सुबोध कुमार ने कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया और राज्य में गिरती कानून व्यवस्था पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मोतिहारी के हरसिद्धि के पैक्स अध्यक्ष पवन गुप्ता की हत्या हो गई। लेकिन सदन में कहा जाता है कि गांधी मैदान में फरिया लेंगे, इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कार्यस्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है।

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