स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण चुनाव सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताः डीएम

स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण चुनाव सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताः डीएम

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक

नवराष्ट्र मीडिया ब्यूरो

पटना ; जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना शीर्षत कपिल अशोक ने कहा है कि स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में लोक सभा आम निर्वाचन, 2024 सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों के अनुसार सभी तैयारी तेजी से चल रही है। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में चुनाव की प्रारंभिक तैयारी के क्रम में मान्यता-प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 506 सेक्टर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सामान्यतः 10 मतदान केन्द्रों पर एक सेक्टर पदाधिकारी को तैनात किया गया है। इन सेक्टर पदाधिकारियों को विधिवत रूप से प्रशिक्षण दिया गया है। ये सभी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहेंगे, मतदान केन्द्रों का लगातार भ्रमण करेंगे एवं मतदाताओं के बीच जागरूकता अभियान चलाएँगे। ये भेद्य टोलों में लगातार भ्रमण करेंगे तथा मतदाताओं को मतदान करने हेतु प्रेरित करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचकों को ईवीएम एवं वीवीपैट के प्रति जागरूक करने के लिए जिला एवं सभी छः अनुमंडलों में ईवीएम-सह-वीवीपैट प्रदर्शन केन्द्र (ईडीसी) केन्द्र का संचालन किया जा रहा है। साथ ही सभी 14 विधान सभा क्षेत्रों में 14 मोबाइल डिमॉन्सट्रेशन वैन पिछले 18 दिनों से लगातार घूम रहा है। इन केन्द्रों एवं वाहनों पर प्रशिक्षित पदाधिकारियों तथा कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है जो लोगों को ईवीएम एवं वीवीपैट के बारे में आवश्यक जानकारी देकर उन्हें जागरूक कर रहे हैं।

आज के इस बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी, पटना श्री आशुतोष राय द्वारा एजेंडावार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचक सूची के अंतिम प्रकाशन के उपरांत विधान सभावार मतदाताओं की संख्या, पीएसई/डीएसई तथा दोहरी प्रविष्टियों का निराकरण, सतत अद्यतीकरण अवधि में प्राप्त आवेदन पत्रों की विवरणी, राजनैतिक दलों द्वारा मतदान केन्द्रवार बीएलए की नियुक्ति, दो रविवार 11 फरवरी एवं 18 फरवरी को मतदान केन्द्रों पर विशेष अभियान का आयोजन, ईको-फ्रेंड्ली निर्वाचन कराने हेतु आवश्यक प्रबंध, निर्वाचन में बाल श्रम निषेध, कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों से संबंधित विवरणी, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम सहित अन्य सभी तथ्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरे जिला में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। दिव्यांग मतदाताओं, महिलाओं, 18-19 वर्ग के नये मतदाताओं, 80+ आयु वर्ग के वरिष्ठ मतदाताओं सहित सभी निर्वाचकों को मतदान करने हेतु मतदान केन्द्रों पर सभी व्यवस्था रहेगी। वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा लगातार अभियान चलाया जाएगा।

इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपना-अपना सुझाव दिया। जनता दल यूनाइटेड के पटना जिलाध्यक्ष श्री अशोक कुमार, राजद के पटना जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक पालीगंज श्री दीनानाथ यादव, भारतीय जनता पार्टी के पटना जिलाध्यक्ष श्री अभिषेक कुमार, लोजपा(रा.) के पटना जिलाध्यक्ष श्री चंदन यादव, सीपीआईएम के प्रतिनिधि श्री अनिल रजक, इंडियन नेशनल काँग्रेस के पटना नगर अध्यक्ष श्री शशि रंजन, सीपीआई(एमएल) के प्रतिनिधि श्री जीतेन्द्र कुमार, लोजपा(रा.) के प्रतिनिधि श्री राजेश, मुख्य प्रवक्ता पटना महानगर काँग्रेस श्री निशांत करपात्रे, लोजपा(रा.) के प्रतिनिधि श्री अमित किशोर सिन्हा एवं अन्य द्वारा अपना-अपना सुझाव दिया गया। मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की संख्या, राजनैतिक दलों द्वारा बीएलए की नियुक्ति, भेद्यता मानचित्रण, जिला-स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना सहित विभिन्न बिन्दुओं पर प्रतिनिधियों द्वारा सुभाव दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों के आलोक में इन सुझावों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उप निर्वाचन पदाधिकारी को जिला-स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने तथा बीएलए लिंक को क्रियाशील रखने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पीएसई/डीएसई का निष्पादन किया गया है। सेक्टर पदाधिकारियों के माध्यम से मतदान केन्द्रवार भेद्यता मानचित्रण संबंधी कार्रवाई की जा रही है। सभी मतदान केन्द्रों पर शत-प्रतिशत सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएँ (एएमएफ) की उपलब्धता रहेगी। रैम्प, शौचालय, फर्नीचर, शेड, बिजली, पानी इत्यादि हर हाल में उपलब्ध रहेगा। जिला अंतर्गत वर्तमान में कुल 4,877 मूल मतदान केन्द्र हैं तथा विभागीय निदेशों के आलोक में 1,500 से अधिक निर्वाचक वाले मतदान केन्द्रों पर सहायक मतदान केन्द्र से संबंधित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार लोक सभा आम निर्वाचन में पीसीसीपी की व्यवस्था नहीं रहेगी। ईवीएम एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री पीठासीन पदाधिकारी को हस्तगत कराया जाएगा। सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को डिस्पैच सेन्टर का मानकों के अनुसार चयन करने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि चुनाव कार्य में बाल श्रम का नियोजन प्रतिबंधित है। भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त निदेश के आलोक में 14 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों को निर्वाचन कार्य में प्रशासन/राजनैतिक दलों द्वारा नहीं लगाया जाना है। सभी इसका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। आयोग द्वारा सभी राजनैतिक दलों से इको-फ्रेंड्ली निर्वाचन प्रक्रिया अपनाने हेतु अपील की गई है। इसके अंतर्गत प्लास्टिक का थैला, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स इत्यादि का उपयोग नहीं करने की अपील की गई है।

जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि जागरूक मतदाता हमारे समृद्ध लोकतंत्र की रीढ़ हैं। सभी मतदाताओं से अपील है कि आगामी लोक सभा चुनाव में संविधान द्वारा प्रदत्त सार्वभौम वयस्क मताधिकार का प्रयोग करें।

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