कोयम्ब्तूर कार बम धमाका, आईएसआईएस कट्टरता केस को लेकर एनआईए की 21 ठिकानों पर छापेमारी, चार गिरफ्तार  

कोयम्ब्तूर कार बम धमाका, आईएसआईएस कट्टरता केस को लेकर एनआईए की 21 ठिकानों पर छापेमारी, चार गिरफ्तार  

नलराष्ट्र मीडिया नेशनल ब्यूरो

नई दिल्लीः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडू के 21 ठिकानों पर ताबड़-तोड़ छापेमारी की है। ये छापेमारी कोयम्ब्तूर कार बम धमाका व आईएसआईएस कट्टरता और संगठन में युवाओँ की भर्ती मामले को लेकर की गई है।

छापेमारी के दौरान एजेंसी ने चार लोगों को गिरफ्तार भी किया है। साथ इस दौरान कई इलेक्ट्रोनिक उपकरण जैसे छः लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 34 सिम कार्ड, छः एसडी कार्ड, तीन हार्ड डिस्क आदि और कई दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

11 ठिकानों पर की गई छापेमारी मद्रास के अरेबिक कॉलेज से जुड़ा है जहां मुस्लिम युवाओं को भाषा की शिक्षा देने के बजाय कट्टरवाद सिखाया जाता था। इन्हें तमिलनाडू के क्षेत्रीय केंद्रों पर गुप-चुप तरीके से हिंसक जिहाद का प्रशिक्षण दिया जाता था। अरबी क्लास के अलावा मोबाइल अप्लिकेशन व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे ह्वाट्स एप्प व टेलीग्राम के माध्यम से इन्हें कट्टरवाद से जुड़े सोच, खिलाफत और आईएसआईएस सोच व प्रजातंत्र एवं पंथनिरपेक्षता के उलट सोच को सिखाया जाता था।

इनकी जाल से फंसने वाले युनकों को संगठन में भर्ती करके आतंकी व गैरकानूनी गतिविधि जैसे कार बम ब्लास्ट आदि कार्यों को अंजाम दिया जाता था। अक्टूबर 2022 में हुए कोयम्ब्तूर कार बम धमाका इसका ज्वलंत उदाहरण है। एनआईए अनुसंधान से आगे जानकारी मिली कि कोयम्ब्तूर स्थित कोवई अरेबिक कॉलेज से उन 10 आरोपियों का जुड़ाव जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

एजेंसी की छापेमारी में उन 10 स्थानों पर हमले किए गए जो कोयम्ब्तूर कार बम धमाके से जुड़े थे। इन जगहों की सघन छापेमारी की गई।

एजेंसी के अनुसंधान में यह भी जानकारी मिली कि कई संदेहास्पद आरोपियों ने श्रीलंका के आतंकी जहरान हाशिम के भी प्रशंसक है जो कई सालों से घृणा व हिंसा का पाठ इन युवाओं को सिखा रहा था। इसके चलते कोलम्बो में 20 नागरिकों की 2019 में हत्या की गई। ये सभी युवा भारत में आतंकी संगठन आईएसआईएस के प्रभाव को स्थापित करना चाहते थे।

छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए गए तीन अभियुक्त मद्रास अरेबिक कॉलेज से जुडे हैं। इसमें एक जमील बाशा उमारी भी शामिल है जिसने कॉलेज में संप्रदायिकता, अतिवाद व कट्टरवाद को बढावा दे रहा था। वह खिलाफत सोच को लेकर मुखर था और इसके लिए जिहाद के वास्ते शहीद होने की सोच को मजबूती प्रदान कर रहा था। इसमें शामिल दो अन्य मौलवी हुसैन फैजी उर्फ मोहम्मद हुसैन फैजी व इर्शाथ जमील का अनुयायी व अरेबिक कॉलेज का छात्र था। गिरफ्तार चौथा आरोपी की पहचान सैयद अब्दुर रहमान उमारी जिसके पास आईएसआईएस से जुड़ा साहित्य बरामद हुआ। वह भी कोयम्ब्तूर धमाका मामले से जुड़ा था।

उक्त दोनों मामलों RC.No.01/2023/NIA/CHE कट्टरता केस व RC.No. 01/2022/NIA/CHE कोयम्ब्तूर धमाका केस में अनुसंधान जारी है।

pramod mishra

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