डीएम ने लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 की तैयारियों की समीक्षा की
cVIGIL App  पर प्राप्त शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई; स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण चुनाव सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंगेः डीएम
सभी पदाधिकारी न केवल निष्पक्षता के साथ कार्य करेंगे बल्कि लोगों के बीच उनकी कार्य निष्पक्षता परिलक्षित भी होनी चाहिएः डीएम
सभी निर्वाचक बिना किसी भय या प्रलोभन के निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रियता से भाग लें; भेद्य मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा; मतदाताओं को प्रभावित करने और प्रलोभन देने के सभी प्रयासों को विफल किया जाएगाः डीएम ने कहा
पदाधिकारियों को अन्तर्काेषांगीय समन्वय स्थापित कर निर्वाचन सफलतापूर्वक कराने का डीएम ने दिया निदेश
vijay shankar
पटना :  01 अप्रैल : जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना शीर्षत कपिल अशोक ने कहा है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। इसके लिए 20 कोषांग 24×7 क्रियाशील है। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों, कोषांगों के वरीय नोडल पदाधिकारियों, सहायक निर्वाची पदाधिकारियों एवं नोडल पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रेस नोट जारी होते ही आयोग से निरूपित आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गयी है। इसका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सम्पूर्ण तंत्र सजग एवं तत्पर रहे। सभी पदाधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों के अनुरूप आदर्श आचार संहिता का सख्ती से अनुपालन कराएंगे। निदेशों की अवहेलना या उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई करेंगे।
जिलाधिकारी ने एजेंडावार समीक्षा की। कार्मिक कोषांग, ईवीएम एवं वीवीपैट कोषांग, वाहन कोषांग, प्रशिक्षण कोषांग, सामग्री कोषांग, आदर्श आचार संहिता कोषांग, व्यय लेखा अनुश्रवण कोषांग, प्रेक्षक एवं प्रोटोकोल कोषांग, विधि-व्यवस्था, वीएम एण्ड सेक्युरिटी प्लान कोषांग, मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग, स्वीप एवं पीडब्ल्यूडी कोषांग, कम्प्यूटराईजेशन साइबर सेक्युरिटी-आईटी-एसएमएस-प्रतिवेदन कोषांग, एसएमएस मॉनिटरिंग एवं जिला संचार योजना/डीईएमपी कोषांग, जिला सम्पर्क केन्द्र(डीसीसी)/हेल्प लाईन/नियंत्रण कक्ष/शिकायत एवं समाधान अनुश्रवण कोषांग, पोस्टल बैलेट पेपर/ईटीबीपीएस कोषांग, वज्रगृह एवं मतगणना कोषांग, सीपीएफ कोषांग, कार्मिक कल्याण कोषांग, मतदाता सूची एवं मतदान केन्द्र कोषांग तथा जिला निर्वाचन कोषांग के कार्यों में अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा निर्वाचन के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी कोषांगों के लिए वरीय नोडल पदाधिकारी एवं नोडल पदाधिकारी निर्धारित दायित्वों का भली-भाँति निर्वहन करें। जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को अन्तर्काेषांगीय समन्वय स्थापित कर चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का निदेश दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि चुनाव का हर एक चरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। नाम निर्देशन, संवीक्षा, अभ्यर्थिता वापसी, मतदान, मतगणना सहित निर्वाचन की सम्पूर्ण प्रक्रिया की समाप्ति तक सभी पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने समयबद्ध ढंग से अधिकारियों को काम करने का निदेश दिया।
डीएम ने कहा कि आयोग के निदेशों के अनुसार ईवीएम मैनेजमेंट यथा भंडारण, सुरक्षा, सीलिंग, मतदान-मतगणना में ईवीएम का प्रबंधन, ईवीएम परिवर्तन/प्रतिस्थापन आदि अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
===========
प्रलोभन-मुक्त चुनाव
===========
डीएम ने अधिकारियों को प्रलोभन-मुक्त मतदान के लिए सघन अभियान चलाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन व्यय के अनुश्रवण के लिए टीम 24Û7  सक्रिय रहेगी। 20 इन्फोर्समेंट एजेन्सीज पैसों के ट्रांजैक्शन पर नजर रखेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी है। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण के साथ चलने का निर्देश दिया गया है। चुनावों में प्रलोभन की भूमिका को खत्म करने और लेवल-प्लेइंग फील्ड (एक समान अवसर) सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियां समन्वित तरीके से काम कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि चुनाव के दरम्यान 132 स्थैतिक निगरानी दल(एसएसटी) एवं 71 फ्लाईंग स्क्वायड (एफएस) लगातार क्रियाशील रहेगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार एफएस निर्वाचन की घोषणा की तिथि से तथा एसएसटी अधिसूचना की तिथि से कार्यरत रहेगा। चुनाव के दरम्यान वीडियो सर्विलान्स टीम भी निरंतर सक्रिय रहेगा। सेक्टर दण्डाधिकारी, उत्पाद विभाग की टीम, वीडियो व्यूइंग टीम भी सतत क्रियाशील रहेगा। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा निर्वाचकों को डराने, धमकाने, प्रभावित करने और प्रलोभन देने के सभी प्रयासों को उड़न दस्ता (फ्लाईंग स्क्वायड) तथा स्थैतिक निगरानी दल द्वारा विफल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचकों को प्रभावित करने के लिए नकदी या घूस की कोई भी वस्तु का वितरण या बाहुबल का इस्तेमाल करना आईपीसी की धारा 171(ख) और धारा 171(ग) के अंतर्गत अपराध है। असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्त-से-सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्वाचकों से भी बिना किसी भय या प्रलोभन के निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रियता से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त वयस्क मताधिकार का सुसूचित, नैतिक एवं प्रलोभन-मुक्त तरीके से प्रयोग कर हम अपने समृद्ध लोकतंत्र को एक नया आयाम दे सकते हैं।
==========================
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन में संलग्न सभी पदाधिकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रतिनियुक्ति की तारीख से निर्वाचन परिणाम घोषित किए जाने की तारीख तक भारत निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त समझे जाते हैं और तदनुसार उस अवधि के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन कार्यरत रहेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारी न केवल निष्पक्षता के साथ कार्य करेंगे बल्कि लोगों के बीच उनकी कार्य निष्पक्षता परिलक्षित भी होनी चाहिए।
==========================
जिलाधिकारी ने वाहन कोषांग के नोडल पदाधिकारी को वाहनों की आवश्यकता का आकलन कर निर्वाचन कार्य के लिए इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने का निदेश दिया। कार्मिक कोषांग द्वारा चुनाव के लिए कार्मिकों की आवश्यकता एवं उपलब्धता का आकलन कर नियुक्ति हेतु कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि निर्वाचन में संलग्न हरएक पदाधिकारी एवं कर्मी को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसमें निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं यथा मतदान प्रबंधन, ईवीएम की जानकारी, मॉक पोल, भेद्यता मानचित्रण, मतगणना, आदर्श आचार संंिहता का अनुपालन, विधि-व्यवस्था संधारण इत्यादि की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन ईवीएम-वीवीपैट से होना है। अतः सभी कर्मियों को पूरे मतदान प्रक्रिया की सूक्ष्म-से-सूक्ष्म जानकारी रहनी चाहिए। प्रशिक्षण के क्रम में ईवीएम के संचालन की हैण्ड्स-ऑन ट्रेनिंग अधिक-से-अधिक दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण निर्वाचन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह पदाधिकारियों एवं कर्मियों को भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का त्रुटिरहित, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने के योग्य बनाता है।
जिलाधिकारी ने चुनाव के लिए उत्कृष्ट कॉम्युनिकेशन प्लान का क्रियान्वयन करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों के अनुसार लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 हेतु मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदाताओं द्वारा निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) या निम्नलिखित दस्तावेजों में से किसी भी दस्तावेज को दिखाया जा सकता हैः-
1. आधार कार्ड;
2. मनरेगा जॉब कार्ड
3. बैंक/डाकघरों द्वारा जारी की गयी फोटोयुक्त पासबुक
4. श्रम मन्त्रालय योजना अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
5. ड्राईविंग लाईसेंस
6. पैन कार्ड
7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) अन्तर्गत भारत के महारजिस्ट्रार (आरजीआई) द्वारा निर्गत स्मार्ट कार्ड
8. भारतीय पासपोर्ट
9. फोटोयुक्त पेन्शन दस्तावेज
10. केन्द्रीय/राज्य सरकार/ पीएसयू/ पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किया गया फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र
11. सांसदों/विधायकों/विधान पार्षदों को जारी किये गये आधिकारिक पहचान पत्र
12. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र-यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी)।
जिलाधिकारी ने कहा कि सहभागितापूर्ण वातावरण में लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। सुगम, सहज, सुरक्षित एवं समावेशी चुनाव कराने के लिए सभी कदम उठाया जा रहा है। मतदाता मतदान करने के लिए कोई भी एक मान्य पहचान दस्तावेज़/ आईडी प्रूफ़ लेकर मतदान केन्द्र पर आएँ। उन्हें हर सुविधा प्राप्त होगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर आश्वस्त न्यूनतम सुविधाएं को सुनिश्चित किया जा रहा है। मतदान केन्द्रों पर रैम्प, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत, साईनेज, हेल्पडेस्क आदि की व्यवस्था रहेगी। डीएम ने कहा कि पीडब्ल्यूडी और वरिष्ठ मतदाताओं की जरूरतों के प्रति प्रशासन जागरूक एवं सतर्क है और उनके लिए सुलभ चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मतदान में प्राथमिकता, ग्राउंड फ्लोर पर पोलिंग स्टेशन, रैंप जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही वैकल्पिक होम वोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण पटना जिला में आयोग के निदेशों के अनुसार तेजी से तैयारी चल रही है। हमलोग पूरी तन्मयता से कार्य कर रहे हैं। हम लोकतंत्र के इस उत्सव को एक सुखद अनुभव बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सभी निर्वाचकों से अपील है कि वे वोट जरूर दें। इससे हमारा समृद्ध लोकतंत्र और प्रस्फुटित होगा तथा इसे नया आयाम मिलेगा।
==========================
 “जागरूक मतदाता हमारे समृद्ध लोकतंत्र की रीढ़ हैं। संविधान द्वारा प्रदत्त वयस्क मताधिकार बहुमूल्य है एवं इस अधिकार का प्रयोग एक नागरिक के लिए अत्यावश्यक है। चुनाव में उच्च मतदान प्रतिशत हमारे प्रजातंत्र को एक नया आयाम देगा।”
……….जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना श्री शीर्षत कपिल अशोक
==========================
डीएम ने लोकतंत्र के इस महापर्व में नागरिकों से भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि मतदान की तिथि को अपने-अपने बूथ पर सबसे पहले पहुंच कर वोट अवश्य डालें।
=======================
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन  आयोग के निदेशों के अनुरूप फ्री एण्ड फेयर चुनाव के सभी पहलुओं को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। मतदाताओं के लिए  #VoterHelplineApp  #KnowYourCandidateApp  उपलब्ध है। पीडब्ल्यूडी निर्वाचकों की सुविधा हेतु सक्षम ऐप उपलब्ध है। उम्मीदवारों के लिए चुनाव संबंधी सुविधाओं और दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए #SuvidhaPortal, अधिकारियों के लिए #ESMS ऐप का  उपयोग किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि एक सजग नागरिक के तौर पर आम जनता भारत निर्वाचन आयोग के cVIGIL App    का उपयोग करके किसी भी प्रकार की चुनावी गड़बड़ी की रिपोर्ट कर सकती हैं। शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई की जाएगी। हम आम चुनाव, 2024 के लिए तकनीक के स्तर पर पूरी तरह से तैयार हैं।
==========================
जिलाधिकारी ने चुनाव में अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय पर लगातार नजर रखने का निदेश दिया। सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा प्रचारित/प्रकाशित किए जाने वाले प्रिन्ट मीडिया/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया/सोशल मीडिया/वीडियो वैन से संबंधित प्रचार सामग्रियों को आदर्श आचार संहिता के मानकों के अनुसार एमसीएमसी द्वारा प्रकाशन के पूर्व जाँच एवं प्रमाणीकरण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी को निर्वाचन पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए आयोग द्वारा प्रदत्त विभिन्न पोर्टल/मोबाईल एप पर निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न गतिविधियों से संबंधित डिजिटल कार्य को ससमय करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि उप विकास आयुक्त, पटना सभी कोषांगों के सम्पूर्ण वरीय प्रभार में हैं। वे सभी कोषांगों से समन्वय स्थापित करते हुए निर्वाचन संबंधी कार्यों का पर्यवेक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके स्तर पर भी प्रतिदिन  सभी कोषांगों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *