श्री आरसीपी सिंह, उमेश सिंह कुशवाहा, बशिष्ठ नारायण सिंह, ललन सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों ने जताया शोक, उनके सम्मान में झुकाया गया जदयू मुख्यालय का झंडा
विजय शंकर
पटना । बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं तारापुर से जदयू विधायक डॉ. मेवालाल चौधरी जी के असामयिक निधन से जदयू परिवार मर्माहत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह, बिहार प्रदेश जदयू अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, राज्यसभा के वरिष्ठ सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह, लोकसभा में दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विधानपार्षद एवं सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, विधानपार्षद एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष ललन कुमार सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव रवीन्द्र सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, चंदन कुमार सिंह, डॉ. विपिन कुमार यादव, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप समेत कई वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों ने शोक-संवेदना प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनके सम्मान में 1, वीरचंद पटेल पथ स्थित जदयू मुख्यालय का झंडा झुका दिया गया।
डॉ. मेवालाल चौधरी के निधन से जदयू परिवार मर्माहत
राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने अपने शोक-संदेश में कहा कि डॉ. मेवालाल चौधरी जी के असामयिक निधन से स्तब्ध हूँ। उनका निधन न केवल पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है बल्कि मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति भी है। उन्होंने राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद्, कृषि वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता हर रूप में बहुमूल्य योगदान दिया और फूलों पर शोध के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठा पाई। उनकी कमी बेहद खलेगी। वे सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित विद्वान योद्धा थे।
जदयू ने खो दिया एक बड़ा हस्ताक्षर: उमेश कुशवाहा
प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि डॉ. मेवालाल चौधरी के निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके रूप में जदयू ने एक बड़े हस्ताक्षर को खो दिया। उनके नहीं रहने से राजनैतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में एक साथ आई शून्यता की भरपाई संभव नहीं। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे।
राज्यसभा के वरिष्ठ सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि डॉ. मेवालाल चौधरी के इस तरह जाने से नि:शब्द हूँ। उन्हें अभी बहुत काम करना था। शिक्षा और शोध के प्रति समर्पित किसी व्यक्ति का राजनीतिक और सामाजिक जीवन भी इतना समृद्ध हो, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।
लोकसभा में दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि डॉ. मेवालाल चौधरी नहीं रहे, यह विश्वास करना कठिन है। उनसे मेरा लगाव पारिवारिक स्तर का था। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजनीतिज्ञ थे। अकादमिक और सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता एक साथ और सम्मान के योग्य थी।
ध्यातव्य है कि डॉ. मेवालाल चौधरी के निधन पर सभी जिलों से पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के शोक-संदेश आ रहे हैं। अथाह दुख की इस घड़ी में जदयू परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। जदयू परिवार की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
जदयू ने एक बड़े हस्ताक्षर को खो दिया : अखिलेश
पटना । जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ उत्तर बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने तारापुर से विधायक व पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने कहा कि डॉ. मेवालाल चौधरी के निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके रूप में जदयू ने एक बड़े हस्ताक्षर को खो दिया। उनके नहीं रहने से राजनैतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में एक साथ आई शून्यता की भरपाई संभव नहीं। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति दें।