बंगाल ब्यूरो
कोलकाता। पांच साल बाद नारद घोटाले को लेकर राज्य की राजनीति राज्य की राजनीति गरमा गई है। राज्य के दो मंत्रियों समेत कुल चार दिग्गज नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार से ही राज्य की राजनीति में घमासान मचा हुआ। मंत्री फिरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी , विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद खुद राज्य की सीएम ममता बनर्जी सीबीआई के निजाम पैलेस स्थित कार्यालय पहुंच गईं थी और छह घंटे तक रही थी। टीएमसी समर्थकों ने गेट पर हिंसक विरोध प्रदर्शन किया है। अब इसकी पूरी रिपोर्ट सीबीआई दिल्ली मुख्यालय को भेज रही है।
सूत्रों के अनुसार निजाम पैलेस में मुख्यमंत्री की उपस्थिति और उनके कार्यालय के बाहर आक्रोशित भीड़ का पूरा डिटेल्स दिल्ली भेजा जा रहा है। रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भी जा रही है। सीआरपीएफ ने सोमवार को रिपोर्ट भेजी है। इसे मंगलवार को गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। उधर, सीबीआई द्वारा गृह मंत्रालय को भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति कार्यालय को भेजी जा रही है।
गौर हो कि नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बाहर हजारों टीएमसी समर्थक, प्रदर्शन कर रहे थे। आक्रोशित भीड़ ने सीआरपीएफ पर पथराव किया था।
सोमवार रात सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया कि वे काम नहीं कर पा रहे हैं। सीबीआई ने निजाम पैलेस बाहर की उग्र भीड़ की तस्वीर का उपयोग करते हुए एक जवाबी आवेदन दायर किया है। सीबीआई ने 2016 की घटना को याद करते हुए कहा कि जब भी वे जांच शुरू करते हैं, तो उन्हें विभिन्न बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
सीबीआई एक रिपोर्ट के रूप में मुख्यमंत्री के निजाम पैलेस में उपस्थित और बाहर पत्थरबाजी की पूरी रिपोर्ट अदालत को भी देगी।