एनआरएम संवाददाता
खोदावन्दपुर (बेगूसराय) : टीचर्स ऑफ बिहार व यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ‘पीरियड्स इन पैनडेमिक’ विषय पर लेट्स टॉक ऑन पीरियड कार्यक्रम आयोजित किया गया । यह जानकारी टीओबी बेगूसराय के डिस्ट्रिक्ट मेंटर मोहम्मद अब्दुल्लाह ने दी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान मासिक धर्म स्वच्छता का महत्व और भी बढ़ जाता है। संक्रमण काल के दौरान इस बात का ध्यान रखते हुए यूनिसेफ के विशेषज्ञों की टीम ने अपनी सलाह ऑनलाइन माध्यम से दी।
इस कार्यक्रम में यूनिसेफ के कम्युनिकेशन फ़ॉर डेवलपमेंट ऑफिसर सोनिया मेनन, वाश ऑफिसर सुधाकर रेड्डी, न्यूट्रीशन ऑफिसर डॉक्टर संदीप घोष ने ऑनलाइन जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन टीओबी माॅडरेटर नम्रता मिश्रा ने किया। सभी विशेषज्ञों ने यौन शिक्षा, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि किशोरियों में पाीरियड्स का साइकिल आमतौर पर पाँच से सात दिन का होता है। इस दौरान किशोरियों को कई तरह के शारीरिक, हार्मोनल बदलावों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान कमर और पेट में दर्द, उल्टी होना, चक्कर आना और पैरों में दर्द जैसे लक्षण का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस दौरान महिलाओं को अपने हाइजीन का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर खासतौर से सतर्क रहने की जरूरत पर बल दिया, क्योंकि लापरवाही कई बीमारियों को जन्म दे सकती है। यहां तक कि कई बार इंफेक्शन की वजह से महिलाओं को इनफर्टिलिटी संबंधी परेशानी भी हो सकती है। इसके साथ ही अपने आसपास की अशिक्षित महिलाओं को भी इस संबंध में जागरूक करें।
वहीं सुधाकर रेड्डी द्वारा सैनेटरी पैड के स्वच्छता प्रबंधन संबंधित जानकारी दी गई।इसमें उन्होंने एमएचएम फ्रेंडली शौचालय पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में बेगूसराय जिला के दर्जनों शिक्षक व छात्राओं ने भाग लिया।