कोरोना महामारी से प्रमावकारी ढंग से लडने हेतु सरकार के कार्यों में तेजस्वी से माँगा गया सक्रिय सहयोग 

विजय शंकर 

पटना : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कोरोना काल में सेवा कार्य करने और घर पर इसोलेशन सेन्टर बनाकर सरकार को समार्पित करने समेत कई कार्यों की अनुमति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेनेके लिए पत्र भेजा था जिसको लेकर राजनितिक क्षेत्र में हलचल मच गयी थी । तेजस्वी के पत्र को लेकर कई राजनेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी क्योकि पैसे के बारे में भी मुख्यमंत्री से सवाल किया गया था  । अब बिहार सरकार की तरफ से तेजस्वी यादव के पत्र का जवाब योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने दिया है । सरकार ने पत्र में आशा भी की कि कोरोना महामारी से प्रमावकारी ढंग से लडने हेतु किये जा रहे उपरोक्त कार्यों में आपका सक्रिय सहयोग सरकार को प्राप्त होगा।

प्रिय श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी
माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित आपका पत्रांक 273 दिनांक 05.05.2021
प्राप्त हुआ। आपने इस पत्र में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत राज्य स्तर पर
बजट में प्रावधानित राशि में से कोरोना महामारी के प्रसार की रोकथाम एवं उपचार हेतु
स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत गठित कोरोना उन्मूलन कोष में राशि हस्तान्तरित करने के
निर्णय के संबंध में कुछ बिन्दु उठाये हैं। अतः उन बिन्दुओं पर निम्न प्रकार स्थिति स्पष्ट
की जा रही है।

2. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की संशोधित मार्गदर्शिका 2014 के
अनुसार इस योजना का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित क्षेत्रीय विकास
लाने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास है। इस योजना के लिए राशि का
प्रावधान राज्य स्तर पर योजना एवं विकास विभाग के बजट में किया जाता है। यह
योजना अपने वर्तमान स्वरूप में पूर्व में चलायी गयी विधायक ऐच्छिक कोष योजना से
भिन्न है। विधानमंडल के माननीय सदस्यगण इस योजनान्र्तगत किये जाने वाले
आवश्यक कार्यों के बारे में सरकार को मात्र अपनी अनुशंसा प्रेषित कर सकते हैं। अतः
स्पष्ट है कि विधानमंडल के माननीय सदस्यगण की अनुशंसाओं पर ही सम्पूर्ण राशि का
व्यय करने का प्रावधान एवं बाध्यता नियमों में नहीं है। इस विषय में सरकार का निर्णय
ही अन्तिम होता है।

3.मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से दो करोड़ रुपये प्रति विधानमंडल सदस्य की दर से सामंजित कर कोरोना उन्मूलन कोष में हस्तान्तरित करने के पश्चात् भी एक करोड़ रुपये प्रति विधानमंडल सदस्य की राशि उपलब्ध है जिसके अन्तर्गत विधानमंडल सदस्यगण अपनी अनुशंसा कर सकते हैं। अतः इस बात को समझना होगा कि तीन करोड़ रुपये की सम्पूर्ण राशि की योजनाओं के लिए अनुशंसा करने का कोई विशेषाधिकार सदस्यों को नहीं है और इस बिन्दु पर कोई आपत्ति भी नहीं की जानी
चाहिए। जब एक करोड़ रुपये की राशि से अनुशंसा करने का विकल्प माननीय सदस्यगण को उपलब्ध करा ही दिया गया है तो इस प्रसंग में किसी प्रकार की शिकायत करने का औचित्य कदापि नहीं है क्योंकि राज्य सरकार ने कोरोना की स्थिति  को देखते हुए समुचित सोच-विचार कर जनहित में निर्णय लिया है।

4 कोविड को महामारी पर नियंत्रण हेतु आवश्यक उपकरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। राज्य के विभिन्न जिलों में वर्तमान समय में चिकित्सा महाविद्यालयों तथा जिला/अनुमंडल/प्रखंड स्तरीयअस्पतालों में अलग-अलग प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं एवं उपकरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। जिलों में कोविड रोग के प्रसार एवं गम्भीरता की स्थिति भी अलग-अलग है। अतः कोविड की महामारी से लड़ने हेतु किस जिले में कौन सी
आवश्यकताएं है. इसका निर्णय एवं आवश्यकताओं की पूर्ति स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत
गठित कोरोना उन्मूलन कोष से केन्द्रीयकृत ढंग से ही करना संभव एवं व्यवहारिक है
तथा इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु कोरोना उन्मूलन कोष का गठन किया गया है।

5. यह कथन सत्य नहीं है कि कोरोना महामारी के पहले चरण वर्ष
2020 में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की निधि से ली गयी राशि का सदुपयोग नहीं
हुआ है। वास्तव में महामारी के पहले चरण में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना मद से
181.4194 करोड़ रूपये की राशि कोरोना उन्मूलन कोष में हस्तान्तरित की गयी थी
जिसके विरूद्ध 179.963 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है। इन स्वीकृत योजनाओं से
विभिन्न जिलों एवं चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों में 50.0489 करोड़ रु० से आवश्यक
सुविधाएं एवं उपकरण उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त 13.9865 करोड़ रूपये
की लागत से ऑक्सीजन गैस भंडारण हेतु टंकी भी लगायी गयी है। विभिन्न जिला
पदाधिकारियों के माध्यम से 29,8806 करोड़ रु0 की राशि कोरोना महामारी से लड़ने हेतु
खर्च की गयी है। अस्सी करोड़ रु0 की राशि बिहार चिकित्सा आधारभूत संरचना निगम
के माध्यम से खर्च की गयी है। शव वाहनों का क्रय 273 करोड़ रु० से किया गया है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल, बिहटा को 23659 करोड़ रु० की राशि दी गयी
है।

6 जहाँ तक विधानमंडल के माननीय सदस्यों की अनुशंसा पर स्वास्थ्य संरचना, दवाओं एवं उपकरणों का क्रय जिला प्रशासन के माध्यम से कराने का प्रश्न है. यह विकल्प भी विधानमंडल के सदस्यों को उपलब्ध करा दिया गया है। योजना एवं विकास विभाग के संकल्प संख्या 1484 दिनांक 03.05.2021 के द्वारा “कोरोना महामारी के प्रसार की रोकथाम एवं चिकित्सा से संबंधित सामग्री एवं उपकरण’ की
योजना का मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका में सम्मिलित किया गया है।

7. अतः स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तंगत अधिकतम
एक करोड़ रुपये तक की राशि से वर्तमान वित्तीय वर्ष में विधानमंडल के सदस्यगण
कोरीना के प्रसार की रोकथाम एवं चिकित्सा से संबंधित सामग्री एवं उपकरण हेतु भी
अनुशंसा कर सकते है जिसके संबंध में स्वास्थ्य विमाग के संकल्प संख्या 28(10) स्वा०
पटना, दिनांक 08.05.2021 (छाया प्रति संलग्न) के माव्यम से विस्तृत दिशा-निर्देश समी
जिला पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित को दिया गया है।
आशा की जाती है कि कोरोना महामारी से प्रमावकारी ढंग से लडने हेतु किये जा रहे उपरोक्त कार्यों में आपका सक्रिय सहयोग सरकार को प्राप्त होगा।

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