बिहार विधानसभा सत्र की तिथि फिर बढ़ाई गई
नई सरकार में अब तक नहीं हुआ विभागों का वितरण

स्टेट ब्यूरो

नव राष्ट्र मीडिया

पटना।
नीतीश सरकार बनने के चार दिन बाद भी मंत्रियों के विभाग का बंटवारा नहीं हुआ है। अभी नयी सरकार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना है। लेकिन, सत्र कब से शुरू होगा इसका फैसला भी हर रोज बदल रहा है।
मालूम कि नीतीश जब राजद के साथ थे तो 5 फरवरी से विधानमंडल का बजट सत्र बुलाने का फैसला लिया गया था। लेकिन इस बीच सरकार ही बदल गयी।
28 जनवरी को नीतीश कुमार के नेतृत्व में नयी सरकार बनी थी। अगले दिन कैबिनेट की बैठक हुई , जिसमें 10 फरवरी से विधानमंडल का सत्र बुलाने का फैसला लिया गया। उस दिन तय हुआ था कि 10 फरवरी को सदन की शुरूआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी और उसके बाद सरकार विश्वासमत हासिल करेगी। लेकिन अब विधानमंडल का सत्र शुरू करने की तारीख में फिर से फेरबदल कर दिया गया है।
गुरूवार को विधानमंडल के सत्र को लेकर नयी अधिसूचना जारी की गयी है। इसके मुताबिक विधानमंडल का बजट सत्र 12 फरवरी से शुरू होगा। 12 फरवरी को सबसे पहले राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद नीतीश कुमार विधानसभा में नयी सरकार का विश्वास मत हासिल करने के लिए प्रस्ताव रखेंगे। अगले दिन 13 फरवरी को साल 2023-24 के लिए सरकार का बजट पेश किया जायेगा। विधानमंडल का सत्र 1 मार्च तक चलेगा।
विधानमंडल का सत्र शुरू करने को लेकर बार-बार के फेरबदल से कई तरह की चर्चा हो रही हैं। वैसे भी यह बात आम है कि सरकार में सब कुछ ठीक नहीं है। बिहार में नयी सरकार के बने 4 दिन हो गये। 28 जनवरी को नीतीश कुमार समेत कुल 9 मंत्रियों ने शपथ लिया था लेकिन अब तक मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है। नीतीश कुमार के लगभग 18 सालों के कार्यकाल में अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि मंत्रियों के शपथ ग्रहण के 4 दिन बाद भी विभागों का बंटवारा नहीं हो। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारिक सूत्रों का मानना है कि गृह विभाग , सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग आदि को लेकर मामला फंसा है । भाजपा प्रशासन पर पकड़ चाहती है। इसलिए वह गृह विभाग लेने को आमदा है। लेकिन मुख्यमंत्री उसे छोड़ नहीं रहे हैं।

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