अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में वित्त एवं वाणिज्य-कर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने करदाता शिकायत निवारण अभियान का किया शुभारंभ

*# मंत्री ने कहा.. हमारे व्यवसायी राज्य की आर्थिक प्रगति के वाहक। व्यवसायियों के साथ पूरी पारदर्शिता, भरोसा और विश्वास के साथ काम करें अधिकारी।*

*# कहा..विभाग द्वारा शुरू किया गया करदाता शिकायत निवारण अभियान अधिकारी एवं व्यवसायी वर्ग के बीच पारदर्शिता एवं बेहतर समन्वय स्थापित करने में होगा कारगर।*

*# प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को विभाग के उच्च पदाधिकारी एवं प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे मंगलवार को सभी अंचल कार्यालय तथा प्रमंडल स्तर पर राज्य कर अपर आयुक्त (प्रशासन) करदाताओं की समस्याओं को सुनकर प्राथमिकता के आधार पर करेंगे इनका समाधान।*

Vijay Shankar

पटना ।स्थानीय अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में आज बिहार के वित्त, वाणिज्य-कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने करदाता शिकायत निवारण अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों एवं विभिन्न व्यवसायी संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस विभाग के दो महत्वपूर्ण पक्ष हैं- एक ओर विभागीय अधिकारी हैं, तो दूसरी ओर हमारे व्यवसायी वर्ग हैं। दोनों पक्षों के आपसी भरोसा और विश्वास से ही बेहतर माहौल बनता है एवं राज्य की तरक्की का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि जी.एस.टी. लागू होने के बाद उनके सहयोग से वाणिज्य-कर विभाग का कर संग्रहण वर्ष 2016-17 के 18,751 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2022-23 में 34,532 करोड़ रूपये लगभग दोगुणा हो गया है। विगत महीनों में विभाग ने सर्विस सेक्टर यथा- रियल एस्टेट, बीमा, कोचिंग, बैंक्वेट हॉल इत्यादि में कुछ बेहतर कार्य (बेस्ट प्रैक्टिसेज) किए हैं, जिसके कारण पिछले सिविल सेवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर वाणिज्य-कर विभाग पुरस्कृत हुआ है। आज देश के अन्य राज्यों के अधिकारी बिहार में हुए इन बेहतर कार्यों को देखने आ रहे हैं। यह राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों में अधिकारियों के साथ-साथ हमारे व्यवसायी और करदाताओं का भी बड़ा योगदान है। इस सम्मान के वास्तविक हकदार भी वही हैं।
चौधरी ने कहा कि हमारे व्यवसायी और करदाता राज्य की आर्थिक प्रगति की धूरी हैं। सरकार की मंशा है कि हमारे करदाता शिकायत रहित हों, कष्ट, पीड़ा और चिंता रहित रहें, उनके शिकायतों का निवारण पारदर्शिता के साथ हो। उन्होंने कहा कि राज्य के करदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिये आज का कार्यक्रम आयोजित है। विभागीय कार्यकलापों से कोई भी करदाता अगर विक्षुब्ध हों तो वे विभाग के शीर्षस्थ पदाधिकारियों के समक्ष अपनी समस्यायें रख सकते हैं। इसके लिये प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को विभाग के उच्च पदाधिकारी करदाताओं की समस्याओं को सुनेंगे। इसी प्रकार, विभाग के प्रत्येक अंचल कार्यालय तथा प्रमंडल स्तर पर राज्य कर अपर आयुक्त (प्रशासन) द्वारा प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे मंगलवार को करदाताओं की समस्याओं को सुना जायेगा एवं विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर इनका समाधान किया जायेगा। उन्होंने बताया गया कि अपनी शिकायतों के समाधान के लिये किसी करदाता को व्यक्तिगत रूप से आने की अनिवार्यता नहीं है। कोई भी करदाता कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं अथवा ई-मेल के माध्यम से भी अपनी शिकायतें भेज सकते हैं। इसके लिये एक विशेष ई-मेल आई॰डी॰ ctdbihargrievances@gmail.com भी जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि दिनांक 01 जुलाई, 2023 के प्रभाव से राज्य के नौ बड़े अंचल यथा पटना मध्य अंचल, पटना दक्षिणी अंचल, दानापुर अंचल, गया अंचल, भागलपुर अंचल, पूर्णियाँ अंचल, दरभंगा अंचल, मुजफ्फरपुर पश्चिमी अंचल और सारण अंचल को दो भागों में विभक्त किया गया है। इस प्रकार नौ नये अंचल बनाये गये है। इससे करदाताओं का अनुश्रवण करने में सुविधा होगी। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुये डाटा एनालिटिक्स के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया गया ताकि फर्जी करदाताओं को चिन्हित किया जा सके और उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि व्यवसाय एवं उद्योग जगत के संगठनों से एकमुश्त कर समाधान योजना को फिर से लाने हेतु अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इस संबंध में विभाग में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को निदेश दिया कि हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिये कि राज्य के करदाताओं की किसी भी प्रकार की शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाधान करने का प्रयास किया जाय, ताकि राज्य के विकास एवं उन्नति में उनकी सहभागिता और बढ़ सके। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि अकारण और अनावश्यक रूप से किसी भी व्यवसायी को परेशान न करें अन्यथा ऐसी स्थिति पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि व्यवसायियों को नियमों की जानकारी दें परंतु जान-बूझकर करवंचना करने वालों पर कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले को विभाग प्रोत्साहित और पुरस्कृत करेगा परंतु गलत काम करने वाले निश्चित रूप से दंड के भागी बनेंगे। उन्होंने व्यवसायियों से अपील करते हुए कहा कि समय पर टैक्स दें और अपने व्यवसाय में नित्य नये मुकाम हासिल करें।
इसके पूर्व विभाग की सचिव -सह- राज्य कर आयुक्त डॉ० प्रतिमा ने स्वागत संबोधन के दौरान विभागीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2022-23 में बिना क्षतिपूर्ति के विभाग ने राजस्व संग्रहण में 27 प्रतिशत का वृद्धि दर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण एवं विभाग की अन्य अच्छी उपलब्धियों में हमारे अधिकारियों के साथ-साथ व्यवसायी बंधुओं का सराहनीय योगदान रहा है। जी.एस.टी. ट्रिब्यूनल का गठन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। माननीय मंत्री महोदय के मार्गदर्शन में स्टेकहोल्डर के साथ बेहतर समन्वय एवं पारदर्शिता के साथ विभाग काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे करदाताओं को अकारण परेशानी न हो, इसी उद्देश्य को लेकर करदाता शिकायत निवारण अभियान की शुरुआत की गई है।
इस मौके पर राज्य कर आयुक्त-सह-सचिव के साथ मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी, सभी राज्य कर अपर आयुक्त (प्रशासन/अपील/अंकेक्षण), चैम्बर ऑफ कॉमर्स, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसियेशन, वाणिज्य-कर अधिवक्ता संघ के अलावा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के व्यवसायिक संगठन एवं पटना स्थित केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, खाद्यान व्यवसायी संघ, सर्राफा संघ, बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, बिहार टेक्सटाइल चैम्बर ऑफ कॉमर्स, महिला उद्योग संघ, प्राईवेट सिक्यूरिटी एजेंसी, इंस्टीच्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउन्टेंट्स/कॉस्ट एकाऊन्टेंट/कम्पनी सेक्रेट्रीज के प्रतिनिधि सहित सभी अंचल प्रभारी के साथ-साथ अंचल के वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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