सैकड़ो की संख्या में एएनएम गर्दनीबाग पटना में जुटकर
सरकार के खिलाफ नारेबाजी की – अर्चना कुमारी
वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत एएनएम को बिना परीक्षा लिए हुए काउंसलिंग कराते हुए स्थाई नियुक्ति करने की मांग को लेकर एक पखवाड़े से गर्दनीबाग मे डटी हैं संविदा एएनएम

नव राष्ट्र मीडिया
पटना।

संविदा एएनएम संघर्ष मोर्चा के संयोजिका अर्चना कुमारी ने कहा कि गर्दनीबाग मे अनिश्चित कालीन हड़ताल मे शामिल होने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों से सैकड़ो एएनएम पटना पहुंच गये हैं। मांगों को लेकर 15 दिनों से हड़ताल चल रही है। विभिन्न जिलों से आए एएनएम ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ।
अनिश्चितकालीन हड़ताल का मुख्य केंद्र गर्दनीबाग, पटना में महासंघ (गोप गुट) के सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद , पीएमसीएच कर्मचारी यूनियन के महासचिव कृष्णनंदन सिंह सहित अन्य कई संघ – महासंघ के नेताओं ने हड़ताली एएनएम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में एएनएम नियमावली गठित होने के पश्चात हजारों नियुक्तियां हुई है तथा उसी नियमावली के अनुसार वर्ष 2022 में विज्ञापन संख्या 7 / 2022 *बिहार तकनीकी चयन आयोग* के माध्यम से 10709 पदों पर ANM की वैकेंसी निकाली गई और उस आवेदन का स्क्रूटनी भी की गयी तथा अभ्यर्थियों से सूची प्रकाशित कर आपत्ति भी मांगे गए ।
लेकिन अचानक राज्य सरकार द्वारा मई 2023 में वर्ष 2018 से गठित पूर्व की नियमावली को रद्द कर नई नियमावली वर्ष 2023 गठित कर दिया गया और इस आधार पर बिहार तकनीकी चयन आयोग द्वारा पूर्व की वैकेंसी को ठंढ़े बस्ते में डाल देना या नई नियमावली के अनुसार परीक्षा लेने की बात करना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है यह बरसों से कार्यरत एएनएम के साथ धोखा है ।
अब पटना सिविल सर्जन सहित विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन द्वारा धमकी दिया जाना एवं चयन मुक्त करने संबंधी आदेश निर्गत किये जाने की आलोचना की गई तथा कल 20 सितंबर को पटना सिविल सर्जन कार्यालय में उनके आदेश की प्रति को जलाने तथा विरोध प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया गया । एएनएम ने कहा कि हमारी मांग एवं लड़ाई राज्य सरकार से है ना कि सिविल सर्जन से । इसलिए सभी सिविल सर्जन संयम बरतते हुए काम करे और हड़ताली एएनएम को छेड़ने का काम नहीं करें ।
गर्दनीबाग पटना मे अनिश्चित कालीन हड़ताल मे शामिल ANM बिहार तकनीकी चयन आयोग द्वारा निकाले गये संशोधित विज्ञापन को जलाकर अपने गुस्सा का इजहार किया और कहा कि यह हम लोगों के साथ धोखा है । 2020 मे चुनाव के समय महागठबंधन के घोषणा पत्र में वादा किया गया था कि सभी संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाएगा पर तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद बरसों से कार्यरत एएनएम की सेवा स्थाई नहीं कर परीक्षा की बात कर रही है यह सरासर हम संविदा कर्मियों के साथ धोखा है । बिहार के विभिन्न जिलों से सैकड़ो एएनएम सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ।
नेताओं ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार *नारी शक्ति वंदन* स्कीम लाकर महिलाओं को आगे बढ़ाने एवं चुनावी वर्ष में लुभाने का काम कर रही है वही बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर महिला एएनएम के साथ धोखा कर रही है और बरसों से कार्यरत एएनएम को स्थाई करना नहीं चाह रही है ।

वर्ष 2018 में एएनएम नियमावली गठित होने के पश्चात हजारों नियुक्तियां हुई है तथा उसी नियमावली के अनुसार वर्ष 2022 में विज्ञापन संख्या 7 / 2022 *बिहार तकनीकी चयन आयोग* के माध्यम से 10709 पदों पर ANM की वैकेंसी निकाली गई और उस आवेदन का स्क्रूटनी भी की गयी तथा अभ्यर्थियों से सूची प्रकाशित कर आपत्ति भी मांगे गए । लेकिन अचानक राज्य सरकार द्वारा मई 2023 में वर्ष 2018 से गठित पूर्व की नियमावली को रद्द कर नई नियमावली वर्ष 2023 गठित कर दिया गया और इस आधार पर *बिहार तकनीकी चयन आयोग द्वारा कल दिनांक 19 सितंबर 2023 को एक नया विज्ञापन (संशोधित विज्ञापन )** जारी कर दिया गया इस तरह नई नियमावली के अनुसार परीक्षा लेना और साथ ही साथ पुराने वैकेंसी में ही नए लोगों से पुन: आवेदन लेने का और नए लोगों को अवसर देने की बात करना बरसों से कार्यरत एएनएम के साथ अन्याय है *बिहार संविदा एएनएम संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने कहा कि लगता है स्वास्थ्य विभाग का मानसिक स्वास्थ्य खुद ख़राब हो गया है अब इनको इलाज की जरुरत हो गया है ।* आगे कहा कि हम लोग शांति से बैठने वाली नहीं है हम लोग भी आंदोलन को और तेज करेंगे तथा कल सभी जिलों में तकनीकी चयन आयोग द्वारा निर्गत संशोधित विज्ञापन को जलाया जाएगा एवं जिला स्तर पर भी आंदोलनात्मक कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा ।
बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ (गोप गुट ) के संयुक्त मंत्री सुरजीत कुमार ने कहा कि बिहार तकनीकी चयन आयोग निकाले गये विज्ञापन 7/22 मे प्राप्त आवेदन की स्क्रूटनी के पश्चात फिर से प्रेशर को अप्लाई करने का आदेश निर्गत करना बिल्कुल ही न्यायनिर्णय के विपरीत है यदि इस तरह का मामला न्यायालय में गया तो यह न्यायालय द्वारा तकनीकी चयन आयोग के आदेश को रद्द कर दिया जाएगा ।
श्री सुरजीत ने आगे कहा कि आप आंदोलन को और मजबूत कीजिए साथ ही न्यायालय का भी शरण लीजिए क्योंकि यह राज्य सरकार एवं तकनीकी चयन आयोग द्वारा गलत आदेश निर्गत किया गया है
सरकार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा वर्ष 2022 के वैकेंसी पर वर्ष 2023 का नियमावली थोपना बिल्कुल ही गलत है।सरकार के इस गलत फैसले का विरोध करना उचित है और आप लोग एकजूट होकर संघर्ष कीजिए आप लोगों ने शांतिपूर्ण आंदोलन का जो रास्ता अपनाया है काबिले तारीफ है ।महिला सशक्तिकरण के नाम पर महिलाओं के साथ छलावा राज्य सरकार को शोभा नहीं देता है । आप लोग हड़ताल में डटे रहिए ।स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में अनुभव को नकारना बिल्कुल ही अनुचित है क्योंकि अनुभव के आधार पर ही बेहतर इलाज की संभावना रहती है ।

बिहार संविदा एएनएम संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने कहा कि बिहार तकनीकी चयन आयोग द्वारा बहुत सारी बहालियां काउन्सेलिंग के आधार पर हुई है इसलिए हमलोगों को भी काउन्सेलिंग के माध्यम से बहाली होनी चाहिए जबतक काउन्सेलिंग की तिथि निर्धारित नहीं की जाती है तबतक हमलोग हड़ताल पर डटी रहूंगी । हम लोग अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा सरकार की सेवा में बिता दिए हैं अब प्रेशर के साथ कंपटीशन करवाना हम लोगों को अपमानित करने के बराबर है इसलिए हम लोग हर हाल में इसका विरोध करेंगे और संघर्ष के बल पर अपनी मांगों को पूरा कराएंगे । हमलोग में से अधिकांश लोग परीक्षा देकर ही संविदा की नौकरी में आएं हैं । इसलिए बार बार परीक्षा की बात करना उचित नहीं है बल्कि हम लोगों को अपमानित करना है ।

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