तेजस्वी यादव से ईडी ने 8 घंटे तक की कड़ी पूछताछ
जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में हुई है पूछताछ

विश्वपति

नव राष्ट्र मीडिया

पटना।
जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आज पुनः ईडी ने डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव से पूछताछ की। ईडी ने आठ घंटे तक तेजस्वी यादव से पूछताछ की है। वैसे तेजस्वी यादव लगभग नौ घंटे तक ईडी कार्यालय में मौजूद रहे। बताया जा रहा है इस दौरान ईडी अधिकारियों ने जमीन के बदले नौकरी देने के घोटाले के मामले में उनसे 60 से अधिक सवाल पूछे हैं। इसी मामले में उनके पिताजी और पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव से कल लगभग 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ हुई थी । पूछताछ में ईडी को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसके आधार पर वह अगली कार्रवाई करेगी। इस मामले को लेकर बीजेपी ने लालू परिवार पर हमला बोला है। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रेलवे की नौकरी के बदले लोगों की कीमती जमीन लिखवाने के मामले में लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव से पूछताछ के दौरान ईडी पर दबाव बनाने और अफसरों को डराने के लिए समर्थकों की भारी भीड़ जुटाना राजद के आपराधिक चरित्र का सूचक है। इससे न तो जांच रुकेगी, न लालू परिवार दोषमुक्त हो पाएगा।

मोदी ने कहा कि रेलवे की नौकरी के बदले जमीन लेने तथा धन-शोधन(मनी लॉन्ड्रिंग) के प्रमाण मिलने पर सीबीआई ने आरोप पत्र दायर किया और इस आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पिछले साल से लगातार कार्रवाई कर रहा है। पटना में लालू प्रसाद एवं तेजस्वी यादव से पूछताछ इसी प्रक्रिया की ताजा कड़ी है। उन्होंने कहा कि 10 मार्च 2023 को दिल्ली-पटना में लालू परिवार के विभिन्न परिसरों पर छापा मारा गया और 1 करोड़ रुपये नकद तथा 1.25 करोड़ रुपये के कीमती सामान जब्त किये गए थे। ईडी ने उसी समय 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मकान, फ्लैट और दिल्ली का बंगला भी जब्त किया गया था। नवम्बर 2023 को लालू परिवार के लिए काम करने वाली फर्जी कंपनी एके इन्फोसिस्टम्स और एबी एक्सपोर्ट्स के मालिक अमित कात्याल की गिरफ्तारी हुई। वह अब भी न्यायिक हिरासत में है। मोदी ने कहा कि एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक अमित कात्याल की गिरफ्तारी के बाद से लालू परिवार पर कानून का शिकंजा कसता गया। यूपीए-1 के दौरान लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। उस समय रेलवे में बिहार के जिन लोगों को ग्रुप-डी की नौकरी मिली, उन्होंने अपनी-अपनी जमीनें एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम ट्रांसफर कर दीं, जिसके मालिक तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी हैं।उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को बताना होगा कि वे दिल्ली में न्यू फ्रेंड्स कालोनी के 150 करोड़ के मकान डी-1088 के मालिक कैसे बन गए और कौन हैं हृदयानंद चौधरी, जिन्होंने रेलवे के ग्रुप-डी की नौकरी पाने के बदले अपनी कीमती जमीन राबड़ी देवी और हेमा यादव को गिफ्ट कर दी? ईडी के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अब जल्द ही लालू परिवार के अन्य नाम जद सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी।

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