हमारे देश की आयुर्वेद चिकित्सा को अपना रहा पूरा विश्व : राज्यपाल

स्थापना के 40 साल बाद पहली बार दीक्षांत समारोह का किया गया आयोजन

गया। जिले के करजरा स्थित स्वामी राघवेन्द्राचार्य त्रिदंडी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के दीक्षांत समारोह शामिल होने बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर गया को पहुंचे। सोमवार को बीएएमएस (स्नातक) के पास आउट छात्रों का दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर थे। आयोजकों द्वारा राज्यपाल का स्वागत भगवान धन्वंतरि की मूर्ति देकर किया गया। इस महाविद्यालय के 65 पास आउट छात्रों को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सर्टिफिकेट का वितरण किया। वहीं, इस मौके पर अपने संबोधन में बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ ऑर्लेकर ने कहा कि आज हमारे देश की आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को पूरा विश्व अपना रहा है, यह सौभाग्य की बात है.। दुनिया भर के लोग आयुर्वेद और आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति जागरूक हो रहे हैं. यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है, कि भारत की आयुर्वेदिक पद्धति को पूरी दुनिया अपना रही है. उन्होंने अपने बचपन के दिनों की भी चर्चा की, जब लेमनग्रास समेत अन्य चीजों का सेवन कर ठीक होते थे. उनकी मां इन आयुर्वेदिक चीजों से बीमारियों को ठीक करती थी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में आयुर्वेद और एलोपैथिक के समन्वय पर काम हो रहा है. आयुर्वेद और आयुर्वेदिक चिकित्सा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा.


इस आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना हुए चालीस साल हो चुके हैं. किंतु अब तक कोई दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं किया गया था. चालीस साल में पहली बार गया के करजरा में स्थित स्वामी राघवेन्द्राचार्य त्रिदंडी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ है. वहीं, इस महाविद्यालय में पहली बार हो रहे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के शामिल होने से आयुर्वेद महाविद्यालय में काफी उत्साह का वातावरण बना रहा. इस मौके पर कालेज के सचिव वेंकटेश प्रपन्नाचार्य, कैलाश डालमिया आदि मौजूद थे.

 

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