आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक ने कहाः उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुगम यातायात एवं सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें

24/7 नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहे; दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाए; गश्ती दल भी सक्रिय रहेः आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक

क्यूआरटी एवं क्यूएमआरटी सक्रिय रखें; अधिकारीगण आपस में सार्थक समन्वय तथा सुदृढ़ संवाद स्थापित रखेंः आयुक्त एवं आईजी का निदेश

आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करने तथा अफवाहों का त्वरित खंडन करने का आयुक्त एवं आईजी ने दिया आदेश

नवराष्ट्र मीडिया ब्यूरो

पटना : आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना कुमार रवि एवं पुलिस महानिरीक्षक, केन्द्रीय प्रक्षेत्र, पटना श्रीमती गरिमा मलिक ने कहा है कि आगामी सरस्वती पूजा एवं महाशिवरात्रि के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुचारू यातायात तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। अधिकारीद्वय आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इसमें पुलिस उप महानिरीक्षक शाहाबाद रेंज, प्रमंडल अन्तर्गत सभी छः जिलों-पटना, नालन्दा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर-के जिला पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, अन्य जिला-स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। आयुक्त श्री रवि एवं आईजी श्रीमती मलिक ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर भीड़-नियंत्रण के मानकों के अनुसार दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाए। सभी जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्वयं भ्रमणशील रहें एवं क्षेत्र का जायजा लें। क्षेत्रीय पदाधिकारीगण सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से सार्थक संवाद कायम रखें। शांति समिति की ससमय बैठक कर लें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों का अनुश्रवण करें। आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को क्रियाशील रखें। अफवाहों का त्वरित खंडन करें। पूर्व की घटनाओं में शामिल लोगों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करें। अनुमंडल स्तर पर क्यूआरटी सक्रिय रखें। भीड़ की गतिविधियों पर सीसीटीवी से निगरानी करें तथा इस आशय का फ्लेक्स/बैनर जगह-जगह प्रदर्शित करें कि आप सीसीटीवी की नजर में हैं।

गौरतलब है कि इस वर्ष सरस्वती पूजा का त्योहार दिनांक 14 फरवरी (बुधवार) को एवं महाशिवरात्रि का त्योहार दिनांक 08 मार्च (शुक्रवार) होना निर्धारित है। आयुक्त श्री रवि एवं आईजी श्रीमती मलिक द्वारा सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों तथा वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों से एक-एक कर उनके-उनके जिले में तैयारियों के बारे में पृच्छा की गई। पुलिस उप महानिरीक्षक शाहाबाद रेंज ने भी तैयारियों के बारे में बताया।

आयुक्त एवं आईजी ने कहा कि सरस्वती पूजा के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु सभी तैयारी सुनिश्चित रखें। क्षेत्रीय पदाधिकारीगण सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से नियमित संवाद कायम रखें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम(क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम(क्यूएमआरटी)तैनात रखें। मद्य-निषेध अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करें।

आयुक्त श्री रवि एवं आईजी श्रीमती मलिक ने कहा कि सरस्वती पूजा एवं महाशिवरात्रि के जुलूस-मार्ग का सत्यापन कर लें। नगर निकायों द्वारा साफ-सफाई एवं प्रकाश की उत्तम व्यवस्था रहनी चाहिए। विद्युत अभियंता निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि सरस्वती पूजा एवं महाशिवरात्रि के दिन सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। 15 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा है। पटना में मेट्रो का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अतः यातायात प्रबंधन तथा भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना होगा। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनिश्चित करें कि 16 फरवरी तक विसर्जन समाप्त हो जाए। इसके लिए पूजा समितियों के साथ बैठक कर उन्हें अवगत करा दें।

आयुक्त एवं आईजी ने कहा कि पर्व-त्योहार के अवसर पर लाउडस्पीकर 06.00 बजे प्रातः से 10.00 बजे रात्रि तक ही निर्धारित डेसिबल के अनुरूप बजाया जा सकता है। सरस्वती पूजा में डीजे पर किसी भी परिस्थिति में पूर्ण प्रतिबंध रहेगा एवं पूर्णरूपेण वर्जित रहेगा। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसे सुनिश्चित कराएंगे।

आयुक्त एवं आईजी द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निदेश देते हुए कहा गया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें। विभिन्न इलाकों में पैदल फ्लैग मार्च करें। जबरन चंदा वसूली पर रोक लगाएँ। होटल, लॉज, हॉस्टल की नियमित जाँच करें। संदेहास्पद गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी तथा थानाध्यक्ष भ्रमणशील रहें। शत-प्रतिशत पूजा समिति को अनुज्ञप्ति निर्गत किया जाए। किसी भी परिस्थिति में बिना अनुज्ञप्ति की प्रतिमा/पंडाल की स्थापना/प्रतिमा जुलूस नहीं निकले यह संबंधित थानाध्यक्ष की व्यक्तिगत जिम्मेवारी होगी। जुलूस अनुज्ञप्ति में निर्धारित शर्तों का पूरी दृढ़ता से अनुपालन कराएँ। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इस बात को ध्यान में रखेंगे कि विसर्जन यात्रा के पूर्व निर्धारित पारंपरिक मार्गों में परिवर्तन नहीं हो। विसर्जन यात्रा का दंडाधिकारियों के पर्यवेक्षण में वीडियोग्राफी कराएं। सीसीटीवी से निगरानी रखें। कृत्रिम तालाब घाटों पर भी दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को तैनात रखें। मूर्ति विसर्जन के अवसर पर जुलूस के साथ गश्ती दलों को क्रियाशील रखें।

आयुक्त एवं आई ने सभी स्तरों- थाना/अंचल, अनुमंडल तथा जिला- पर ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निदेश दिया। प्रभावी कॉम्युनिकेशन प्लान क्रियाशील रखने का निदेश दिया गया। अधिकारीद्वय ने निदेश दिया है कि पूजा के दौरान आपत्तिजनक स्लोगन, कार्टून इत्यादि पर रोक है। इसे पदाधिकारीगण सुनिश्चित करें। असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे तथा विधि-व्यवस्था का समुचित संधारण सुनिश्चित करेंगे।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के हित में सरस्वती पूजन के अवसर पर बिहार (पूजा के उपरांत मूर्ति विसर्जन प्रक्रिया) नियमावली, 2021 का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। प्राकृतिक जल निकायों में मूर्ति एवं उसके सजावटी सामग्रियों के विसर्जन से जल प्रदूषण का कारण बनता है। अतः कृत्रिम तालाबों में ही मूर्तियों का विसर्जन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर निकायों द्वारा मूर्ति विसर्जन हेतु कृत्रिम घाटों का निर्माण किया जाए।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि किसी भी आकस्मिकता से निपटने हेतु आपदा प्रबंधन तंत्र पूर्णतः सक्रिय रखें। एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ को तैनात करें।

आयुक्त एवं आईजी ने कहा कि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, सुगम यातायात एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु चिन्ह्ति स्थलों पर दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बलों को तैनात रखने के साथ गश्ती दल द्वारा पेट्रोलिंग की जाए। नियंत्रण कक्ष से भीड़ पर निगरानी रखी जाए। सीसीटीवी कैमरा एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से अनुश्रवण किया जाए। स्वच्छता एवं प्रकाश की उचित व्यवस्था रहे। नगर निकायों की डेडिकेटेड टीम 24*7 क्रियाशील रहे।

आयुक्त श्री रवि एवं आईजी श्रीमती मलिक ने कहा कि सभी जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन हेतु समुचित संख्या में यातायात पदाधिकारी एवं यातायात पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही ट्रैफिक प्लान का निर्धारण कर मीडिया के माध्यम से जनता में प्रसारित करेंगे। यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।

सभी सिविल सर्जन आवश्यक संसाधनों तथा चिकित्सकों के साथ मेडिकल टीम सक्रिय रखेंगे।

सभी जिला अग्निशाम पदाधिकारी फायर ब्रिगेड युनिट की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करेंगे। साथ ही किसी भी आकस्मिकता की स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक व्यवस्था भी उपलब्ध रखेंगे।

आयुक्त श्री रवि एवं आईजी श्रीमती मलिक ने सभी जिला पदाधिकारियों एवं वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों को निदेशों का दृढ़ता से अनुपालन कराने को कहा।

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