सुबोध,
किशनगंज 25 अक्टूबर ।बिहार के सीमांत जिला किशनगंज में शारदीय नवरात्र के आखरी दिन यानि विजयादशमी मंगलवार देर शाम जगह -जगह मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन धुमधाम से किया गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने नम आंखों से दी भावपूर्ण विदाई। मान्यता ऐसी है कि माता अपने मायके से ससुराल के लिए विदा लेती है।मां दुर्गा के प्रतिमा विसर्जन में बंगाली महिलाओं में सिंदूर खेला एक बड़ी और ख़ास रस्म की परम्परा सदियों से चली आ रही है।इस परम्परा में मां दुर्गा की प्रतिमा विदाई से पहले बंगाली महिलाओं ने माता की प्रतिमा के मुख मिष्ठी यानि मां को मुंह में मिठाई खिलाकर मां की प्रतिमा को स्पर्श कर उनकी मांग और अपने माथे पर सिंदूर लगाकर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।फिर पूजा पंडाल में महिला श्रद्धालु आपस में एक दुसरे के माथे व गालों पर सिन्दूर लगाकर ऐसा प्रतीत होता है मानों सिन्दूर की होली खेली हो और छणिक सिन्दूर की होली खेल में मां की प्रतिमा के विदाई की ग़म को भुलाने का प्रयास बड़ा ही रोचक व महत्वपूर्ण दीखता है। मां दुर्गा की प्रतिमा पूजा पंडाल से बाहर आते ही महिला व पुरूष हाथ में धुपदानी लेकर जमकर भक्तिमय गाने के धुन पर नाचते , थिरकते व गाते हुए मां दुर्गा प्रतिमा के विदाई में शामिल रहते हैं। इस दौरान दुर्गा की प्रतिमा विदाई में जगह -जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। सभी श्रद्धालु प्रतिमा विसर्जन तक साथ -साथ अपने निर्धारित घाट तक गये और नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित कर वापस लौटे। इस अवसर पर प्रत्येक पूजा समिति के साथ में सूरक्षा के मद्देनजर अलग -अलग प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी , पुलिस अधिकारी एवं बलों की एक दस्ता विसर्जन जुलूस के साथ -साथ मौजूद रहें।

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