सुबोध,
किशनगंज 09नवम्बर । नेपाल एवं बंगालादेश सीमा से सटा बिहार के सीमांत जिला किशनगंज में इन दिनों ज्यादात्तर युवा स्मैक के नशे का शिकार होता जा रहा है । स्मैक के नशे में उड़ता किशनगंज में नशेड़ियों के खून की कालाबाजारी का भंडाफोड़।
बिहार में वर्ष 2016 में मद्य निषेध कानून प्रभाव में आने बाद से इस सीमावर्ती जिले में स्मैक कारोबारी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय हैं। स्कूल, कॉलेज एवं मजदूर तबके युवा स्मैक के नशे का शिकार
हो गये हैं ।बीते वर्षों में किशनगंज पुलिस की कार्यवाही में स्मैक के नशेड़ियों का जगह -जगह गिरफ्तारी भी लगातार हो रही है और एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी संख्या में नशेड़ियों को जेल भी भेजा जा चुका है । लेकिन बड़ा सवाल है कि यहां के पुलिस की हाथ स्मैक के बड़े कारोबारी तक नहीं पहुंच पा रही है जिसके नेटवर्क के जाल में फंसे कुछ छोटे -छोटे कारोबारियों की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा हुई जरूर है।मगर बड़े कारोबारियों का सक्रिय नेटवर्क पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है।इन दिनो नशे की लत में फंसे युवा नशा करने के लिए अपना खून का भी सौदा करने लगे हैं और ऐसे नशेड़ियों के खून के कारोबार भी धड़ल्ले से चल पड़ा है । सूत्रों के मुताबिक बिहार बंगाल एवं नेपाल तक नशेड़ियों के खून की कालाबाजारी हो रहें हैं।
टाऊन थाना क्षेत्र गाछपाड़ा पंचायत के बोमवस्ती गांव में गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को सब इंस्पेक्टर संजय यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम खून के कारोबारी अश्फाक आलम के घर छापामारी में पहुंचे तो संदिग्ध युवक पुलिस को देखते ही वहां से फरार हुआ।वह नशे के कारोबारी अश्फाक आलम ही था और‌ मौके से पुलिस को देखते ही फरार हो गया । वहां उसके छोटे भाई की मौजूदगी में झोपरीनुमा घर में छापामारी हुआ। जिसमें पुलिस को एक फ्रिज से 20यूनिट ब्लड के साथ -साथ बड़ी मात्रा में खून निकलने में उपयुक्त सिरिंज और बड़ी मात्रा में वेस्टेज सामग्री बरामद हुआ।

इस बाबत जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.इनामुल हक मेगनू ने कहा कि गुप्त सूचना मिली कि खून की कालाबाजारी में लिप्त है और टीम गठित कर उक्त स्थल पर छापामारी हुआ है जिसमें 20यूनिट ब्लड और अन्य सामग्री बरामद हुआ है। आरोपी मौके से फरार हो गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह गहन अनुसंधान का विषय है । नशेड़ियों के खून को कहा और किस जगह बेचा जाता रहा है इन सभी मामलों में जांच की जाएगी।एसपी ने अपील कर कहा कि तमाम नर्सिंग होम एवं ऐसे खून के खरीदार से पुलिस का सहयोग करें । ऐसे खून के कालाबाजारी करने वाले से परहेज़ करें । ऐसे खून के उपयोग से घातक बीमारी फैलने की भी आशंका है और मरीजों के जान को भी खतरा है।

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