सुबोध,
किशनगंज ।शहर के सत्संग विहार काली मंदिर परिसर रामकृष्ण संयुक्त विद्यार्थी शाखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस )की स्थापना दिवस सह विजयादशमी शस्त्र पूजन उत्सव मनाया गया।इस अवसर संघ के विभाग कार्यवाह सुखदेव जी,जिला कार्यवाह देवदास जी,विजयजी, चन्द्रकिशोर राम एवं संघ के स्वयंसेवक आदि ने संघ के संस्थापक डॉ. केशवराम वलिराम हेडगेवार के तेल चित्र पर पूष्प अर्पित कर नमन किया। स्वयंसेवकों के द्वारा योग दण्ड एवं खेलकुद कार्यक्रम का प्रदर्शन भी आयोजित थी।वही सर्वप्रथम संघ के विभाग कार्यवाह सुखदेव जी ने संबोधन में संघ का परिचय और संघ कार्य से उपस्थित स्वयंसेवकों को अवगत कराया।
इस अवसर पर संघ के स्वयंसेवक माधवमनी त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हमलोग परम पूजनीय संघ के संस्थापक डॉ. केशवराम बलिराम हेडगेवारजी जयंती सह संघ के स्थापना दिवस मना रहें हैं क्योंकि आज के ही दिन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघोदय हुयी थी।यानि सन् 1925 में डॉ केशवराम हेडगेवारजी के द्वारा नागपुर से उन्होंने एक दिव्य भविष्य की सोच की स्थापना की गयी थी।आज उनके दिव्य सोच सुक्ष्म रूप से विराट रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि आखिर संघ की स्थापना क्यों आन पड़ी। व्रिटिश शाशनकाल में हमारा हिन्दु समाज टुकड़े -टुकड़े में बट चुका था और राष्ट्रप्रेम की भावना में गिरावट होने लगी। तब उनकी सोच हुयी क्यों न अपने समाज को संगठित कर राष्ट्रभावना जगायी जाए और तत्काल ही संघ की स्थापना हुयी थी। आज हमलोग संघ के स्थापना के 99वर्षो में संघ कार्य एक वट वृक्ष बन गया है और वट वृक्ष के सैकड़ों शाखा के रूप विभिन्न अनुषांगिक क्षेत्र में कार्य हो रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का उद्देश्य मातृभूमि की सेवा और स्वाभिमान के लिए युवाओं को समर्पण की प्रेरणा देकर राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान देना है।संघ में प्रवेश की कोई उम्र सीमा नहीं और संघ की शाखा से जुड़े बिना हम संघ को नहीं जान सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर सन् 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ॰ केशवराम वलिराम हेडगेवार द्वारा की गयी थी।

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