patna : मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा एक ऐतिहासिक संस्थान, उत्कृष्ट संचालन की आवश्यकताः आयुक्त

patna : मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा एक ऐतिहासिक संस्थान, उत्कृष्ट संचालन की आवश्यकताः आयुक्त

आयुक्त की अध्यक्षता में मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा के शासी निकाय की बैठक

संस्थान के प्रबंधन में पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने का आयुक्त ने दिया निदेश

vijay shankar

पटना : आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना-सह-अध्यक्ष, शासी निकाय, मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा, पटना श्री कुमार रवि ने मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा के संचालन एवं प्रबंधन में पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने को कहा है। वे आज इसके शासी निकाय की बैठक में अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजकीय मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा एक ऐतिहासिक संस्थान है। इसके सफल संचालन के लिए सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) को सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना होगा। उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित मार्ग-निर्देशों के अनुरूप मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा का कार्य सुनिश्चित करने को कहा।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुसार सभी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार सक्रिय है। उन्होंने कहा कि मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा के प्राचार्य संस्थान के कार्यों के सुगमतापूर्वक संचालन हेतु शिक्षा विभाग एवं अन्य सभी कार्यालयों से सुदृढ़ समन्वय सुनिश्चित रखेंगे।

बैठक के प्रारंभ में आयुक्त श्री रवि ने शासी निकाय के सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान के संचालन में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार हमसब को सतत प्रयत्नशील रहना होगा। गौरतलब है कि मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा के शासी निकाय का पुनर्गठन बिहार सरकार द्वारा विगत वर्ष 16 मई को किया गया था। प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में गठित इस शासी निकाय में कुल 10 सदस्य हैं। प्राचार्य, मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा शासी निकाय के सचिव तथा क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना प्रमंडल, पटना; विभागाध्यक्ष, अरबी विभाग, पटना विश्वविद्यालय एवं मो. कलीम अख्तर, शिक्षक प्रतिनिधि शासी निकाय के पदेन सदस्य हैं। डॉ॰ अहमद अब्दुल हई; सैयद मो. इरशाद, मोतवल्ली; श्री शहजाद हसन खान; श्री शमसुल होदा तथा डॉ॰ प्रोफेसर सादुल्लाह कादरी, खानकाह मुजिबिया, फुलवारीशरीफ समिति के सदस्य के तौर पर नामित हैं। शासी निकाय के पुनर्गठन के तुरत बाद दिनांक 13.06.2023 को आयुक्त की अध्यक्षता में संस्थान के शासी निकाय की बैठक हुई थी।

शासी निकाय के सचिव प्राचार्य, मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा श्री सैयद मसूद अहमद द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा की स्थापना वर्ष 1912 में हुई है। पूरे भारतवर्ष में ऐसा केवल तीन ही राजकीय मदरसा है। हमारे राज्य बिहार के अतिरिक्त केवल पश्चिम बंगाल एवं उत्तर प्रदेश में ही ऐसा संस्थान है। मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा में कक्षा एक से स्नातकोत्तर (फाजिल) तक लगभग 350 विद्यार्थी पढ़ते हैं। संस्थान के प्रशासन एवं स्थापना संबंधी कार्यों में शिक्षा विभाग के निदेशों का अनुपालन किया जाता है।

प्राचार्य द्वारा बैठक में एजेंडावार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। गत बैठक की कार्यवाही, संस्थान में कर्मियों की नियुक्ति तथा अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर समिति के सदस्यों द्वारा विस्तृत विमर्श किया गया तथा प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक निर्णय लिया गया।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा में शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक के रिक्त पदों के विरूद्ध पदस्थापन हेतु सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त करते हुए नियमानुसार अधियाचना भेजी जाए। उन्होंने कहा कि संस्थान के भवनों के जीर्णोंद्धार, मरम्मति तथा रंग-रोगन के लिए प्रावधानों के अनुसार प्रस्ताव उपस्थापित किया जाए।

इस बैठक में आयुक्त के साथ आयुक्त के सचिव-सह-क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक डॉ. विद्यानन्द सिंह; प्राचार्य, मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा श्री सैयद मसूद अहमद; डॉ॰ अहमद अब्दुल हई; सैयद मो. इरशाद, मोतवल्ली; श्री शहजाद हसन खान; श्री शमसुल होदा एवं अन्य भी उपस्थित थे।

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