स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण लोक सभा चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम

vijay shankar

पटना : जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, पटना शीर्षत कपिल अशोक ने लोक सभा आम निर्वाचन, 2024 हेतु नियुक्त सेक्टर पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निदेशांें का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में सेक्टर पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। पदाधिकारियों को चुनावी गुर सिखाते हुए डीएम श्री शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि सेक्टर पदाधिकरियों का कार्य बहु-आयामी है। उन्हें अपने कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा व्यवहारकुशलता से करना होगा।

उल्लेखनीय है कि 28-मुंगेर, 30-पटना साहिब एवं 31-पाटलिपुत्र संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत 14 (चौदह) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (178-मोकामा से 191-बिक्रम) शामिल है जिसमें कुल 4,877 (चार हजार आठ सौ सतहत्तर) मतदान केन्द्र अवस्थित है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा इन निर्वाचन क्षेत्रों को 506 (पाँच सौ छः) सेक्टर में विभाजित करते हुए सेक्टर पदाधिकारियों को मतदान केन्द्रों के साथ संबद्ध किया गया है। सामान्यतः दस मतदान केन्द्रों पर एक सेक्टर पदाधिकारी को तैनात किया गया है।

जिलाधिकारी ने सेक्टर पदाधिकारियों के मतदान से पूर्व, मतदान के दिन एवं मतदान के बाद के उत्तरदायित्वों एवं कर्तव्यों का बोध कराते हुए कहा कि सेक्टर पदाधिकरियों का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप लोग हमारे आँख हैं। आप ही की आँखों से हम पूरे निर्वाचन प्रक्रिया को मॉनिटर करते हैं। सेक्टर पदाधिकारी राजनीतिक दलों, पीठासीन पदाधिकारी, निर्वाची पदाधिकारी/जिला निर्वाचन पदाधिकारी के मध्य की कड़ी हैं। निर्वाचन की अधिसूचना के पूर्व से निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति तक निर्वाचन प्रबंधन के लिए आप उत्तरदायी हैं। आप अपने क्षेत्राधीन सभी स्तरों से पूर्णतः अवगत हैं। चेकलिस्ट के अनुसार आपको अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करना है। मतदान केन्द्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं (एएमएफ) की उपलब्धता, मतदान केन्द्रों का व्यापक प्रचार, मतदान केन्द्रों के पहुँच पथ का निरीक्षण एवं सुझाव, ईवीएम-वीवीपैट जागरूकता, भेद्यता मानचित्रण तथा भेद्य टोलों में लगातार भ्रमण, सम्पर्क संख्या प्राप्त करना, लगातार बैठक करना, मतदाताओं में विश्वास निर्माण करना, मतदान केन्द्र और मतदान दल का मोबाइल नम्बर प्राप्त करना, उत्कृष्ट कॉम्युनिकेशन प्लान, क्षेत्र के अंतर्गत गतिविधियों पर नजर रखना, आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराना, मॉक पोल का संचालन आदि आपकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आपकी प्रतिनियुक्ति इस प्रकार की गई है कि एक से दो घंटों में सभी मतदान केन्द्रों पर पहुँचा जा सके। मतदान के दिन कम-से-कम सात दिन पूर्व आपको विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति प्रदत्त की जाती है। अतः आपसभी अपने-अपने दायित्वों का कुशलता से निर्वहन करें तथा भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराएँ।
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आज के इस प्रशिक्षण सत्र में सेक्टर पदाधिकारियों को मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा चुनाव के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। ईवीएम-वीवीपैट जागरूकता, भेद्यता मानचित्रण, मॉक पोल, आदर्श आचार संहिता का अनुपालन, विधि व्यवस्था संधारण आदि के संबंध में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया।
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जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि स्वच्छ, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें प्रशिक्षण अहम भूमिका निभाता है। यह निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है। प्रशिक्षण पदाधिकारियों एवं कर्मियों को भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का त्रुटिरहित, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने के योग्य बनाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्य में संलग्न हर एक पदाधिकारी एवं कर्मी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आशा है आप सभी सेक्टर पदाधिकारी आज के प्रशिक्षण से लाभ प्राप्त कर अपने-अपने दायित्वों का आयोग के निदेशों के अनुसार निर्वहन करेंगे।
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1. मतदान से पूर्व सेक्टर पदाधिकारियों का दायित्वः

मतदान केन्द्रों का लगातार भ्रमण करना, मतदान केन्द्रों के पहुँच पथ का निरीक्षण एवं सुझाव देना, नए स्थापित मतदान केन्द्रों का व्यापक प्रचार करना और मतदान केन्द्रों पर एएमएफ की उपलब्धता प्रतिवेदित करना, कम्युनिकेशन प्लान डेवलप करना, यह सुनिश्चित करना कि मतदान केन्द्र क्षेत्र से 200 मीटर की परिधि के अन्दर किसी राजनैतिक दल/अभ्यर्थी के पार्टी कार्यालय नहीं बनाए गए हों, क्षेत्र के अंतर्गत गतिविधियों पर नजर रखना, आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराना, मतदाताओं को निर्वाचक सूची में पंजीयन, ईवीएम-वीवीपैट जागरूकता, ईवीएम द्वारा मत देने की प्रक्रिया की जानकारी देना, भेद्यता मानचित्रण, भेद्य टोलों में लगातार भ्रमण, सम्पर्क संख्या प्राप्त करना एवं लगातार बैठक करना, मतदाताओं के बीच आत्मविश्वास जागृत करना, यह सुनिश्चित करना कि किसी भी व्यक्ति/समूह द्वारा मतदाताओं को भयभीत न किया जाए/प्रलोभन न दिया जाए, रिजर्व ईवीएम-वीवीपैट को चेक करना, नियंत्रण कक्ष से लगातार सम्पर्क बनाए रखना, मतदान दल को मतदान प्रक्रिया या ईवीएम संचालन के संदेह को दूर करना, मतदाताओं को हेल्पलाईन और बूथ की जानकारी देना, वाहनों, सम्पत्ति विरूपण की घटनाओं, चुनावी सभाओं, आदर्श आचार संहिता का अनुपालन, सरकारी सेवकों के आचरण पर नजर रखना आदि।

2. मतदान के दिन सेक्टर पदाधिकारियों का दायित्वः

मॉक पोल संचालन से संबंधित सूचना तीस मिनट के अंदर निर्वाची पदाधिकारियों को देना, मॉक पोल के दौरान खराब हुए ईवीएम-वीवीपैट को मॉक पोल रिप्लेस स्टीकर के साथ रखना, निर्धारित समय पर वास्तविक मतदान प्रारंभ कराना, वेबकास्टिंग किए जाने वाले मतदान केन्द्रों पर वेबकास्टिंग के सफलतापूर्वक अधिष्ठापन का प्रतिवेदन देना, मतदाताओं के लंबी कतार वाले मतदान केन्द्रों पर लगातार भ्रमणशील रहना, प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन, भेद्य टोलों के निर्वाचकों के मताधिकार के प्रयोग पर नजर रखना, निर्धारित समय पर मतदान समाप्त करना, मतदान समाप्ति के समय पंक्ति में खड़े सभी मतदाताओं का मत रिकॉर्ड करवाना आदि।

3. मतदान के पश्चात सेक्टर पदाधिकारियों का दायित्वः

मतदान के तुरत पश्चात मॉक पोल के समय खराब हुए ईवीएम और वीवीपैट को निर्वाची पदाधिकारी द्वारा चिन्ह्ति स्थल पर जमा करना, सुरक्षित ईवीएम और वीवीपैट के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट निर्वाची पदाधिकारी को मतदान की समाप्ति के तुरंत पश्चात सौंपना, निर्वाची पदाधिकारी को मतदान केन्द्रवार मतदान के दिन की रिपोर्ट सौंपना आदि।

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डीएम ने अधिकारियों को कहा कि चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए गाँव-गाँव में अभियान चलाएँ तथा लोगों को मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में मतदान के प्रति उदासीनता अच्छी स्थिति नहीं है। इसमें परिवर्तन लाने के लिए स्वीप गतिविधि अंतर्गत नियमित तौर पर कार्यक्रम का आयोजन करें। जिन मतदान केन्द्रों पर पूर्व के चुनावों में कम वोटर टर्नआउट हुआ है वहाँ सघन जागरूकता अभियान चलाएँ। मतदाताओं को उनके मत का महत्व बताएँ तथा मतदान करने के लिए प्रेरित करें। डीएम ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त सार्वभौम वयस्क मताधिकार हम सभी के लिए बहुमूल्य है। जागरूक मतदाता हमारे समृद्ध लोकतंत्र की रीढ़ हैं। चुनावों में उच्च मतदान प्रतिशत इसे एक नया आयाम देगा।
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डीएम श्री शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि निर्वाचन पूर्णतः स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण माहौल में संपन्न कराया जायगा। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंगे।

इस अवसर पर उपविकास आयुक्त, विशिष्ट पदाधिकारी अनुभाजन, उप निर्वाचन पदाधिकारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।

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