आगामी चुनाव बिहार की वर्तमान व्यवस्था के हिसाब से नहीं होंगे
जंग सुराज अभियान की पदयात्रा जब पूरी हो जाएगी, तब तक लोगों में इतना चेतना आ जाएगी कि लालू और नीतीश की दुकान स्वत बंद हो जाएगा

विश्वपति
नव राष्ट्र मीडिया
पटना।प्रशांत किशोर ने आज फिर एक नया धमाका किया है । उनके आज के बयान का विश्लेषण करें तो लगता है बिहार में जल्द ही सत्ता की स्थिति में उलटफेर होगा । बहुत बदलाव होगा ।

उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनाव कब होंगे ये नहीं पता, लेकिन बिहार में जो आज की व्यवस्था है उस तर्ज पर चुनाव नहीं होगा। कौन नेता या दल किधर भागेगा ये कोई नहीं जानता है। आज जो व्यवस्था है जिसमें 7 दल एक हो रहे हैं। अगले चुनाव से पहले आप देखेंगे इसमें बड़ा परिवर्तन आएगा।
इसकी झलक आपको दिख भी रही होगी। महागठबंधन को 2015 में हमने बनवाया है तो मैं जानता हूं कि इसको बनाने में क्या समस्या है और इसे चलाने में क्या परेशानी आती है कितना समय और प्रयास करना पड़ता है। 2015 में तीन दलों का जो महागठबंधन था उसे मैंने ही बनवाया था। आज 7 दलों का महागठबंधन है। प्रशांत किशोर ने कहा कि 2015 में जो महागठबंधन बना था उसमें लालू और नीतीश कुमार कितने बार मिले थे? नीतीश कुमार ने महागठबंधन क्यों बनवाया इसको समझने की जरूरत है? मुझे दिल्ली में मिले थे जहां उन्होंने मुझे खुद महागठबंधन बनाने और उसमें शामिल होने को कहा था।
2024 लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद भाजपा सबसे पहले नीतीश को सीएम पद से हटाती, ये उन्हें पता चल गया था, नीतीश को न तेजस्वी से प्यार है और न वो RJD के समर्थक हैं, उन्हें बस 2025 तक मुख्यमंत्री बने रहना है
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की राजनीतिक महात्वाकांक्षा की पोल खोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार को पता था कि 2024 में लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद भाजपा सबसे पहले उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाती और कहती कि अब हमारा मुख्यमंत्री होगा। भाजपा की मजबूरी लोकसभा के चुनाव तक है। लोकसभा में भाजपा एक बार जीतकर आ जाती तो उनकी सरकार दिल्ली में बन जाती, फिर उनको बिहार के मुख्यमंत्री के पद से हटा देती। नीतीश कुमार ने अनुमान लगाने के बाद बीजेपी का साथ छोड़कर महागठबंधन की व्यवस्था बना ली ताकि 2025 तक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहें। नीतीश कुमार ने कहा कि अगला चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा लोगों को ये समझ नहीं आ रहा है वो ऐसा क्यों बोल रहे हैं। नीतीश कुमार बिना सोचे-समझे कुछ नहीं बोलते। नीतीश कुमार को न तेजस्वी से प्यार है न कभी वो RJD के समर्थित हो सकते हैं अपने पूरे जीवन में।

*पिछले 32 सालों से बिहार में लालू यादव का डर दिखाकर भाजपा लेती रही वोट और भाजपा का डर दिखाकर लालू वोट लेते रहे, पदयात्रा पूरी हो जाए बिहार में नेताओं की दुकानदारी हो जाएगी बंद: प्रशांत किशोर*
बिहार में अपने सत्ता के मोह को सच करने के लिए जनता को बरगलाने वाले नेताओं से आगाह कर रहे जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बड़ी बात कही। प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 32 सालों से लालू यादव का डर दिखाकर भाजपा वोट लेती रही और भाजपा का डर दिखाकर लालू वोट लेते रहे हैं। अगर यह जन सुराज अभियान अपने इस स्तर पर रहा तो यह जाति-धर्म की स्थिति खत्म हो जाएगी। आज जो भी इस तरीके के काम कर रहे हैं उनकी दुकानदारी बंद होने वाली है।
जब दुकानदारी बंद हो जाएगी तो स्वभाविक है कि लोग घबराएंगे और जब लोग घबराएंगे तो तीखी टिप्पणी करेंगे। नीतीश कुमार की उम्र हो गई है और राजनीतिक तौर पर आज वो अलग पड़ गए हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं कोई विधायक नहीं हूं, न मंत्री-अफसर हूं और न ही ठेकेदार हूं। हर रोज 50 से 100 लोगों के साथ गांव-गांव पैदल घूम रहा हूं। मैं न कोई भीड़ करता हूं न ही कोई रैली करता हूं। अगर इस पदयात्रा की कोई ताकत ही नहीं है तो नेताओं को टिप्पणी करने की जरूरत ही क्या है? आज जो इसका विरोध कर रहे हैं उनको पता है कि जमीन में इसकी ताकत कितनी है। अगर यह पदयात्रा ऐसे ही चलता रहा तो आप देखेंगे जन बल के आगे कोई ताकत नहीं टिकेगा।

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