बंगाल ब्यूरो
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सशरीर पश्चिम बंगाल आ रहे हैं। कोविड-19 संकट की वजह से वह कई बार बंगाल के लोगों को संबोधित कर चुके हैं लेकिन वर्चुअल जरिए से। अब जबकि हालात सामान्य हुए हैं तो वह आगामी 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के दिन बंगाल आ रहे हैं। यह जानकारी खुद पीएम ने बंगाल के मुर्शिदाबाद जिला अंतर्गत बहरामपुर से सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को दी है। रविवार को यह जानकारी अधीर ने अपने आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया है कि प्रधानमंत्री को नववर्ष की शुभकामना देने के लिए उन्होंने फोन किया था। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया से कोयला लेकर लौट रहे नाविकों को चीन द्वारा पकड़ लिए जाने के संबंध में भी बात करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को फोन किया था। इस बारे में पीएम ने चौधरी को बताया है कि पूरी घटना से अवगत हैं। कूटनीतिक स्तर पर चीन से बात हो रही है। जल्द ही सारे नाविक जहाज सहित भारत लौट आएंगे। अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। पीएम ने भी उन्हें नए साल पर शुभकामनाएं प्रेषित की है। इसके बाद अधीर रंजन चौधरी ने उनसे पूछा था कि बंगाल कब आ रहे हैं सर? इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 23 जनवरी को बंगाल आएंगे। इस जानकारी के सामने आने के बाद एक बार फिर बंगाल के राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी ने बंगाली वर्सेस अबंगाली का माहौल बनाया है। भारतीय जनता पार्टी बंगाल के मनीषियों को लेकर राज्य के लोगों से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 125 वीं जयंती के लिए एक विशेषज्ञ कमेटी की घोषणा की थी। केंद्र सरकार भी ऐसी ही कमेटी हाल ही में बनाई है। इस बीच नेताजी जयंती पर प्रधानमंत्री का बंगाल दौरा राज्य में बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।