सुभाष निगम
नयी दिल्ली । किसानों की 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली को दिल्ली सरकार की अनुमति मिल गयी है । किसान दिल्ली के रिंग रोड पर प्रदर्शन करने वाले हैं और इसकी जानकारी भी उन्होंने दिल्ली पुलिस को दे दी है । ट्रैक्टर परेड करीब 100 किमी की होगी और एक रूट के ट्रैक्टर दूसरे रूट से नहीं मिलेंगे । ये परेड 24 घंटे से लेकर 72 घंटे तक चलेगी ।संभव है कि झंडोत्तोलन के बाद किसानों की रैली निकल पाए । इधर दिल्ली पुलिस किसानों की ट्रेक्टर रैली को लेकर रूट पर विचार कर रही है । पुलिस प्रशासन ऐसे रूट तय करना चाह रही है जिससे गणतंत्र दिवस पर होने वाले देश के झंडोत्तोलन पर किसी प्रकार से बाधा नहीं आये ।

दूसरी तरफ किसानों की ट्रैक्टर रैली को लेकर रुट तय करने पर मंथन चल रहा है । किसान संगठनों का दावा है कि एक लाख ट्रैक्टर के साथ उनका प्रदर्शन होगा । रूट पर फैसला करना पुलिस प्रशासन का काम है । अन्य राज्यों के किसान भी ट्रेक्टर लेकर दिल्ली आ रहे हैं ।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली रिंग रोड पर नहीं निकाली जाएगी. गणतंत्र दिवस की परेड के बाद ही किसान अपनी रैली निकाल सकेंगे. पुलिस के मुताबिक अगर किसान सब चीजें लिखित में देंगे. तब उन्हें परमिशन दी जा सकती है ।
किसानों के समूहों ने दावा किया है कि उन्हें गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के लिए दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति मिल गई है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के हजारों किसान नवंबर के अंत से सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे पिछले साल सितंबर में संसद द्वारा पारित तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं.

जानकारी के अनुसार 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च का पूरा संभावित रूट प्लान तैयार है । एक रूट सिंघु बार्डर से नरेला होते हुए बवाना औचन्दी बॉर्डर तक. दूसरा रूट यूपी गेट से आनन्द विहार तक, तीसरा रूट डासना होते हुए कोंडली-मानेसर-पलवल यानी केएमपी एक्सप्रेस वे तक और चौथा रूट चिल्ला बॉर्डर से गाजीपुर बॉर्डर होते हुए पलवल तक और पांचवां रूट जयसिंह पुर खेड़ा से मानेसर होते हुए टिकरी बॉर्डर तक जाएगा ।

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