बिमल चक्रवर्ती
धनबाद : आल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन और जोनल यूनियन ईसीआरकेयू समेत रेलकर्मियों की काफी दिनों से चली आ रही मांग को पिछले 17-18 नवंबर को हुई फेडरेशन और रेलवे बोर्ड के स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इस बैठक में रेल कर्मचारियों के पक्ष की अध्यक्षता फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने किया। फेडरेशन की यह मांग थी कि ट्रेन गार्ड के पदनाम को बदल कर ट्रेन मैनेजर किया जाए। उक्त जानकारी देते हुए ईसीआरकेयू के केन्द्रीय अध्यक्ष डी. के. पांडेय ने बताया कि फेडरेशन ने गार्ड समुदाय के पदनाम को बदलकर ट्रेन मैनेजर करने की मांग वर्ष 2015 से उठा रखी थी। फेडरेशन ने रेलवे बोर्ड के साथ होने वाली स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक के मद संख्या – 54/2015 के तहत विभिन्न स्तरों पर इस बदलाव के लिए आवश्यक तर्क रखे। प्रमुख तर्क यह दिया गया कि वर्तमान में बदलते हुए कार्य प्रणाली के तहत सेक्शन में ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी गार्ड को सौंपी गई है। सूचना नियंत्रण कार्यालय और नजदीकी स्टेशन मास्टर को देने का काम भी ट्रेन गार्ड द्वारा किया जाता है। सवारी गाड़ियों में गार्ड द्वारा यात्रियों की आवश्यकताओं का समाधान करना, पार्सल सामग्रियों का सही निष्पादन करना, यात्रियों की सुरक्षा और यात्री गाड़ियों का संरक्षित संचालन पर के प्रति भी ट्रेन गार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।