बंगाल ब्यूरो
कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट के बहुचर्चित न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली ने अब स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति में हुई धांधली से प्रताड़ित हुए लोगों को आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार की वजह से कई लोग प्रताड़ित हुए हैं जो कोर्ट तक आने की जहमत नहीं उठाते। यहां तक कि आंदोलन का हिस्सा भी नहीं बनते। वे घर पर बैठे रहते हैं और कहते हैं कि मैं क्यों आंदोलन करूं? तो ऐसे लोगों की फरियाद कोर्ट क्यों सुनेगी?
शुक्रवार को न्यायमूर्ति गांगुली ने कहा, ”एक दिन मैंने मोमबत्तियां लेकर मार्च किया और इंटरनेट पर आलोचना की, यह आंदोलन नहीं है। इसके लिए मेरी काफी आलोचना हुई है। अधिक आलोचनात्मक होने के लिए तैयार हूं। लेकिन असली पीड़ितों को कोर्ट आना चाहिए।”
कोर्ट रूम में मौजूद एक आंदोलनकारी से पूछा, ‘गांधी प्रतिमा के नीचे कितने लोग बैठे हैं? ‘
इस पर याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि 130 लोग हैं। आंदोलन से और भी 530 लोग जुड़े हुए हैं लेकिन वे नहीं हैं। इस पर जज ने पूछा कि आखिर वे लोग क्यों नहीं हैं? कहां हैं? घर से आंदोलन होता है? बाद में आकर कहेंगे कि मुझे नौकरी दीजिए पेंशन दीजिए। ऐसा होता नहीं होता है।