
फतुहा : अभी पूरी दुनिया जिस महामारी के सकंट से गुजर रही है वो हमारी तमाम चिकित्सा पद्धति के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। इस स्थिति में होमियोपैथी चिकित्सा भी हमारे लिए काफी कारगर है। लक्षण के आधार पर होमियोपैथी में ऐसी कई दवायें उपलब्ध है जिससे कोरोना के मरीज को राहत मिल सकती है तथा वे पुर्ण रुप से स्वस्थ्य हो सकते हैं तथा आर्थिक बोझ से भी उन्हें बचाया जा सकता है। एलोपैथिक में कोरोना का इलाज इतना महंगा है कि यह सबके लिए संभव नहीं है इसलिए कोरोना के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक के सलाह से होमियोपैथी की निम्नलिखित दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जैसे आर्सेनिक एलबम 6/12/30। इन्फलुइजन्म 6/12/30। ईपोटोरियम पर्फफोलियम 6/12/30। जेल्सीमियम 6/12/30। बेरोलिनियम 200। ब्रायोनिया 6/12/30 सेलिनियम 30, पलसेटिला 30 पावर आदि दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। होमियोपैथी में बच्चों एवं बड़ों को कोरोना से बचाने हेतु आर्सेनिक एलबम 200 का इस्तेमाल किया जा सकता है क्यों कि यह प्रतिरोधक दवा है इसे लेने से कोरोना रोका जा सकता है।
यह जानकारी होमियोपैथी अस्पताल के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह ने दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साल लगभग बीस हजार से ज्यादा लोगों को कोरोना प्रतिरोधक आर्सेनिक एलबम 200 दिया गया। इसका रिजल्ट उत्साहवर्धक रहा ।
इस अवसर पर प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक प्रेम कुमार, भाजपा के प्रदेश मंत्री राणा राजेन्द्र पासवान आदि मौजूद थे। दूसरी ओर फतुहा भाजपा नगर अध्यक्ष शोभा देवी ने कहा कि इस होमियोपैथी प्रतिरोधक दवा देने पर के कारण एक भी व्यक्ति को कोरोना का आक्रमण नहीं हुआ।
भाजपा नगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा कहा कि होमियोपैथी प्रतिरोधक दवा के कारण पुरे परिवार सुरक्षित है। भाजपा नगर महामंत्री अरुण कुमार झा ने कहा कि मकसूदपुर,, रायपुरा, सोरा कोठी , दरियापुर कल्याण पुर में भी प्रतिरोधक दवा के कारण लोग सुरक्षित रहे।