बंगाल ब्यूरो
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आसन्न विधानसभा चुनाव से पहले शांतिपूर्वक और निष्पक्ष तरीके से मतदान संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने भी कमर कस ली है। पश्चिम बंगाल समेत देश के अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होने से पहले केंद्रीय चुनाव उपायुक्त सुदीप जैन एक बार फिर पश्चिम बंगाल आ रहे हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया है कि आगामी शुक्रवार को वह पश्चिम बंगाल में रहेंगे। यहां राज्य के मुख्य सचिव अलापन बनर्जी, पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र कुमार के साथ-साथ कोलकाता पुलिस कमिश्नर सोमेन मित्रा और अन्य जिलों के पुलिस प्रमुखों तथा जिलाधिकारियों के साथ उनकी बैठक हो सकती है। मूल रूप से चुनाव के दौरान राज्य प्रशासन के अधिकारियों की निष्पक्ष भूमिका और त्वरित कार्रवाई का निर्देश जैन दे सकते हैं।
पिछले सप्ताह ही राज्य के श्रम राज्य मंत्री जाकिर हुसैन पर बम से हमला हुआ है जिसकी सूचना चुनाव आयोग को दी गई है। इसके पहले केंद्रीय चुनाव आयोग का फुल बेंच पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुका है और राज्य में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर कर चुका है। सुदीप जैन भी तीन बार बंगाल आ चुके हैं और राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर कई दिशा निर्देश दे चुके हैं।
इधर पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखों की घोषणा होने से पहले ही केंद्रीय बलों के जवानों की तैनाती हो गई है और बीरभूम के साथ-साथ उत्तर 24 परगना जिले के बारुइपुर इलाके में सीआरपीएफ के जवान स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गस्ती लगा रहे हैं। इसे लेकर सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग भी तेज है। तृणमूल नेता अरूप विश्वास ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय बलों के जवानों को बंगाल में उतार कर मतदाताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। इधर भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि केंद्रीय बलों के जवानों की तैनाती से लोगों के मन में स्थानीय प्रशासन एवं तृणमूल के गुंडों का डर दूर हो रहा है।