धनबाद ब्यूरो

कतरास-(धनबाद) : नगर निगम के द्वारा कतरास के नागरिकों को होल्डिंग टैक्स के लिए नोटिस दिए जाने तथा 3 दिनों के भीतर टैक्स नही देने पर बॉडी वारंट जारी करने के मामले में आज कतरास नागरिक समिति का एक प्रतिनिधिमंडल वीरेन दां के नेतृत्व में हाईकोर्ट के जाने-माने अधिवक्ता राजीव कुमार से मिला। उल्लेखनीय है कि निगम के मामले को लेकर कतरास नागरिक समिति ने पहले ही हाइकोर्ट में एक याचिका 1149/2017 दायर की है । इस पर सुनवाई भी चल रही है । हालांकि मामला उच्च न्यायालय में रहने के बावजूद नगर निगम ने दस वर्षो के बाद टैक्स के लिए नोटिस निर्गत करना शुरू कर दिया है । एक तो कोरोनाकाल , दशहरा , कालीपूजा , छठ ऊपर से रोजगार का अभाव के कारण टैक्स का नोटिस कोढ़ में खाज़ वाली स्थिति उत्पन्न कर दी है । नागरिकों ने सरकार, प्रशासन एवं नगर निगम से आग्रह किया है कि ऐसी परिस्थिति में वे आमलोगों के दर्द को समझें । उक्त मामले में ही टैक्स के संदर्भ में समिति ने हाइकोर्ट से हस्तक्षेप का मांग किया है। नागरिक समिति ने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष यह मांग रखा कि जब शासन की बात होती है, कतरास को ग्रामीण एसपी के अधीन रखा जाता है ? जबकि टैक्स के समय निगम जैसे शहरी क्षेत्र की कैटेगरी में रखा जाता है । इसी तरह कतरास के डीसी लाइन को लेकर खतरे के संदर्भ में हाईकोर्ट ने ही राय दी है । रेलवे ने भी मतारी वैकल्पिक लाइन की फ़ाइल खोली है। कतरास के अनेक हिस्से को डेंजर ज़ोन मानते हुए नक्शा तक पारित नहीं हो रहा है। डीजीएमएस की भी यही रिपोर्ट है। कतरास बाजार 1 नम्बर वार्ड में न तो कृषि की व्यवस्था है और न ही उद्योग धंधे हैं। धनबाद और कतरास में एक तरह के टैक्स के निर्धारण से भी लोगों में रोष है। लोगों ने कहा कि पूरे मामले को लेकर कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से वे आगे बढ़ेंगे। आमलोगों के दर्द से कोर्ट को और सरकार को अवगत कराएंगे। प्रतिनिधि मंडल में जथिन चक्रवर्ती, बिनोद , राखो हरि पटवा एवं अरबिन्द सिन्हा शामिल थे।

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